कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को शुक्रवार को एहतियाती हिरासत में ले लिया. उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद जेल में बंद आशुतोष रांका की टीम ने पूछा, ‘अभिजीत दीपके के तिरंगा फहराने से पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया? क्या देशभक्ति का यही हाल हो गया है?’ दीपके ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था. उन्हें एनसीपी (शरद पवार) के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से निकलने के बाद हिरासत में लिया गया.
इस दौरान एक पुलिस अधिकारी ने उनसे कहा, ‘हम आपको प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में ले रहे हैं.’ पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत में अभिजीत दीपके से कहा गया, ‘आप नई दिल्ली नहीं जा सकते. हम आपको हिरासत में ले रहे हैं.’ उन्होंने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘नई दिल्ली नहीं जा सकता, कहीं और तो जा सकता हूं. मैंने कौन सा कानून तोड़ा है?’
दिल्ली पुलिस के नोटिस में क्या-क्या?
कनॉट प्लेस में धारा 163 लागू है. आपको हिरासत में लिया जा रहा है.’ इससे पहले दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दीपके को नोटिस जारी किया था. पुलिस ने नोटिस में कहा था कि सोशल मीडिया के जरिए शाम पांच बजे कनॉट प्लेस में जुटने की अपील की गई थी, जबकि इसके लिए कानूनी अनुमति नहीं ली गई थी.
दिल्ली पुलिस ने नोटिस में दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि कनॉट प्लेस में बिना अनुमति भीड़ जुटने से यातायात, कानून-व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं. पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस एक प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में दुकानें, शोरूम, रेस्टोरेंट, होटल, बैंक और कार्यालय हैं. यहां प्रदर्शन होने से कारोबार और व्यापारियों के साथ काम करने वाले कर्मचारियों की आजीविका पर असर पड़ने की आशंका है.
भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा
नोटिस में राजीव चौक मेट्रो स्टेशन का भी जिक्र किया गया था. पुलिस ने कहा था कि यह ब्लू और येलो लाइन को जोड़ने वाला प्रमुख स्टेशन है, जहां से रोजाना करीब दो लाख यात्री सफर करते हैं. ऐसे में भीड़ बढ़ने से यातायात जाम, अव्यवस्था और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है. दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा था कि कनॉट प्लेस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं.






