‘…तो यह पूरी तरह से उल्लंघन होगा’, CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी

‘…तो यह पूरी तरह से उल्लंघन होगा’, CJI सूर्यकांत ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी


सीजेआई सूर्यकांत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने से इनकार कर दिया था. उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को एक लेटर लिखकर न मिलने की वजह बताई है. कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सीजेआई के लेटर की कॉपी शेयर की है. जिसमें सीजेआई ने लिखा, लंबित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के बंटवारे के सिद्धांत का पूरी तरह से उल्लंघन होगा.

कांग्रेस ने सीजेआई के लेटर की कॉपी शेयर करते हुए लिखा, यहां सीजेआई श्री सूर्यकांत के कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को लिखे लेटर की कॉपी है.

लेटर में क्या लिखा

मुझे आपका 10.10.2026 का लेटर मिला है, जिसमें आपने सोमवार, 12.10.2026 को शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच एक ज्ञापन सौंपने के लिए अपॉइंटमेंट मांगा है. यह ज्ञापन इन मुद्दों के बारे में है:
मुख्य चुनाव आयुक्त / भारत का चुनाव आयोग
कई छात्रों की मनमानी गिरफ्तारी
मेट्रो स्टेशनों का बंद होना
ट्रेनों का रद्द होना, और अन्य मुद्दे

सबसे पहले, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि ऊपर बताए गए मुद्दे पहले से ही भारत के सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं. इसलिए, लंबित मामलों पर चर्चा करने के लिए बैठक बुलाना शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का पूरी तरह से उल्लंघन होगा. यह सिद्धांत भारत के संविधान के ‘मूल ढांचे’ का एक अहम हिस्सा है और स्थापित नैतिकता और न्यायिक मर्यादा के भी खिलाफ होगा.

मैं आपको यह भी याद दिलाना चाहता हूं कि हमारे संवैधानिक ढांचे के तहत, भारत के सुप्रीम कोर्ट को आपके पत्र में बताए गए मुद्दों से निपटने के लिए कोई प्रशासनिक शक्तियां नहीं दी गई हैं. हालांकि, हमारे संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए, और न्यायिक समीक्षा सहित अन्य व्यापक शक्तियों के साथ, हम भारत के नागरिकों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के मुख्य पहलुओं पर न्यायिक पक्ष से विचार करने के लिए बाध्य हैं.

भारत का सुप्रीम कोर्ट भारत के हर नागरिक के मौलिक अधिकारों को बनाए रखने और उनकी रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है. नागरिक कानून में निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी समय इन अधिकारों को लागू करवाने की मांग कर सकते हैं. इसलिए, प्रशासनिक पक्ष पर ज्ञापन सौंपने के बजाय भारत के सुप्रीम कोर्ट की न्यायिक शक्तियों का इस्तेमाल करना आपके लिए अधिक उचित होगा.

याचिका दर्ज कराएं

वैसे, इसी तरह के मुद्दों वाले कुछ मामलों की सुनवाई मंगलवार, 13.10.2026 को होनी है. यदि उचित समझा जाए, तो आप सोमवार को अपनी याचिका या तो व्यक्तिगत रूप से भारत के सुप्रीम कोर्ट में, सुबह 10:30 बजे के बीच और शाम 04:30 बजे तक, या फिर ई-फाइलिंग विकल्प का इस्तेमाल करके, जिससे किसी भी दिन और किसी भी समय फाइलिंग की जा सकती है. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि ऐसी किसी भी याचिका पर कानून के अनुसार जल्द से जल्द सुनवाई की जाएगी.

बता दें इंडिया गठबंधन सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने वाला है. जिसके बाद वो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दर्ज करवाएंगे.

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