‘टूट चुकी थी, समझ नहीं आ रहा था क्या करूं’, स्मित मच्छार की पत्नी सोनल का छलका दर्द

‘टूट चुकी थी, समझ नहीं आ रहा था क्या करूं’, स्मित मच्छार की पत्नी सोनल का छलका दर्द


दुबई से तेल अवीव जा रही ‘फ्लाईदुबई’ विमान में हुए संदिग्ध आतंकी हमले और अपने पति के बहादुरी के किस्से सुनकर कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी सोनल मच्छार का दर्द छलक पड़ा. सोनल ने बताया कि जब उन्हें विमान के अंदर कैप्टन पर हुए हमले की सूचना मिली, तो वे पूरी तरह टूट गई थीं और सदमे के कारण समझ नहीं पा रही थीं कि कैसे रिएक्ट करें. अबू धाबी के अस्पताल में अपने पति से मुलाकात के बाद सोनल ने राहत की सांस ली और कहा कि अब उनका पूरा ध्यान कैप्टन स्मित मच्छार की जल्द से जल्द रिकवरी पर है.

सोनल मच्छार ने कहा, ‘जब मुझे फ्लाईदुबई की फ्लाइट में अपने पति पर हुए हमले के बारे में पता चला तो इस खबर से मुझे गहरा सदमा लगा था. मैं बहुत बुरी तरह टूट गई थी. इस मुश्किल समय में मेरे अपनों का साथ और भारतीय अधिकारियों से मिली जानकारी से मुझे हिम्मत मिली. मेरे आस-पास दोस्त और परिवार के लोग सब ने मुझे भरोसा दिलाया इसलिए मुझे भरोसा हुआ कि सब ठीक है. जल्द ही मुझे खबर मिलने लगी कि उनकी हालत स्थिर है.’

UAE के डॉक्टर अच्छी देखभाल कर रहे: सोनल

सोनल मच्छार गुरुवार (1 अक्टूबर 2026) को अबू धाबी के अस्पताल में अपने पति स्मित से मिलीं.  एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘अस्पताल में उनसे मिलने के बाद मुझे भरोसा हुआ कि वह सही हाथों में हैं. उनकी बहुत अच्छी देखभाल हो रही है. UAE के डॉक्टर और मिलिट्री डॉक्टर उनकी अच्छी देखभाल कर रहे हैं. मैं बस यही उम्मीद कर रही हूं कि वह जल्द ही घर लौट आएं. उनके ठीक होने के लिए जो कुछ भी करना होगा, मैं वह सब करूंगी.’

फ्लाईदुबई विमान की खौफनाक घटना

30 सितंबर को हुई इस खौफनाक घटना के दौरान ओमान के को-पायलट ने उड़ान के दौरान कैप्टन अमित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया था. हमले के कारण विमान महज दो मिनट में 16,000 फीट नीचे चला गया. गंभीर रूप से घायल होने और लगातार हमले सहने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिसके बाद यात्रियों और केबिन क्रू ने मिलकर हमलावर को-पायलट को दबोच लिया. इसके बाद विमान में सवार दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों की मदद से विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित लैंड कराया गया और सभी 180 यात्रियों की जान बच गई.



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