ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है. दोनों ही देश इसे खत्म करने का समझौता नहीं कर पा रहे हैं. ट्रंप बाकी देशों से ईरान की मदद करने से मना कर रहे हैं. इसी बीच अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को 10 व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया, जिन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के रसद विभाग के लिए हथियार और पुर्जे खरीदने का आरोप है.
अमेरिका ने ईरान पर ये प्रतिबंध ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान के तहत लगाया है. जिन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं उनमें बीजिंग स्थित रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के रसद विभाग का एक प्रतिनिधि और ईरान, चीन, हांगकांग, पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की में फैले खरीद नेटवर्क शामिल हैं.
संपत्तियों को फ्रीज किया गया
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इन नेटवर्कों ने ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स की आपूर्ति की और हथियारों की खरीद और वितरण में मध्यस्थ के रूप में काम किया. इन प्रतिबंधों के तहत अमेरिका से जुड़ी संपत्तियों को फ्रीज कर दिया गया है और प्रतिबंधित पक्षों के साथ लेन-देन करने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर द्वितीयक प्रतिबंध लग सकते हैं.
होर्मुज से निकाला ज्यादा तेल
ईरान पर ट्रंप ने कहा, “वे हार मान लेंगे. हमने पिछले कुछ दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से इतिहास में किसी भी समय की तुलना में ज्यादा तेल निकाला है और कहा कि ईरान की हालत बहुत खराब है और उन्हें नहीं पता कि वह अभी हार मानेगा या नहीं.
ईरान ने पकड़ा यूएस का जासूस
ईरान ने दावा किया है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना के दूसरे एडवांस अंडरवाटर व्हीकल यानी मानवरहित पनडुब्बी रेमस 600 पर कब्जा कर लिया है. अमेरिकी मानवरहित पनडुब्बी पर कथित कब्जे को लेकर IRGC ने कहा कि यह कब्जा कोर्डिनेटेड और कॉम्प्लेक्स ऑपरेशन के जरिए किया गया, जिसमें ईरानी सेना की खुफिया निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमताओं का फायदा उठाया गया.
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