चीन में अमेरिकी राजदूत डेविड परड्यू ने ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने रविवार को कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सामने ताइवान को हथियारों की प्रस्तावित बिक्री को सही ठहराया है.
उन्होंने इसे दुनिया भर में वॉशिंगटन की तरफ से की जाने वाली कई बिक्री में से एक बताया है, साथ ही इसे बेहद ही कम बताया है. इसके अलावा ट्रंप ने चीन को भी प्रस्ताव दिया है कि क्या वे अमेरिकी हथियार खरीदेंगे? डेविड परड्यू ने कहा है कि ट्रंप ने अपने उभरते हुए जियोपॉलिटिकल प्रतिद्वंदी को अमेरिका से हथियारों की बिक्री की संभावना पर बात की है.
उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अप्रत्याशित प्रस्ताव था, जिसे अगर पूरा किया जाता तो चीन और ताइवान के प्रति अमेरिका की पीढियां पुरानी नीति उलट जाती. संभावित रूप से अमेरिकी तकनीक किसी संभावित दुश्मन के हाथ लग सकती थी.
प्रस्ताव कब दिया, इसकी पुष्टी नहीं हुई
फॉक्स न्यूज संडे पर शैनन ब्रीम से बात करते हुए परड्यू ने हालांकि ये नहीं बताया कि यह प्रस्ताव कब दिया गया था. ब्रीम ने पूछा है कि क्या अमेरिका चीनी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए ताइवान को हथियार देने से इनकार कर रहा है? इस पर परड्यू ने कहा कि ट्रंप ताइवान के मामले में उतने ही मजबूत हैं, जितना मैंने किसी को देखा है. उन्होंने उसे बहुत सारे हथियार बेचे हैं.
US Ambassador to China David Perdue says in their recent meeting Trump asked President Xi if China wanted to buy weapons systems from the US. pic.twitter.com/vdiT1RMCHE
— Ron Filipkowski (@RonFilipkowski) September 27, 2026
परड्यू ने यह भी कहा है कि ट्रंप और शी ताइवान को भविष्य में अमेरिकी हथियारों की बिक्री के बारे में बातचीत करते रहते हैं. ट्रंप अक्सर कहते हैं कि अरे हम दुनिया भर में दूसरे लोगों को हथियार बेचते हैं. उन्होंने असल में एक बार शी से पूछा कि वे कुछ अधिकार खरीदना चाहते हैं. अमेरिका अपने कानूनों के तहत ताइवान को अपनी रक्षा करने के साधन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य हैं. ताइवान को एक देश के रूप में मान्यता ने देने के बावजूद, अमेरिका इस द्वीप का सबसे मजबूत अनौपचारिक समर्थक और हथियार देने वाला देश है. हालांकि, मई में हुई ट्रंप और शी की बैठक के दौरान चीन की मांग पर अमेरिका ने 14 अरब डॉलर के रिकॉर्ड तोड़ पैकेज की बिक्री रोक दी थी. ट्रंप ने ताइवान को हथियारों की बिक्री को चीन के साथ बातचीत में एक बहुत अच्छा दांव बताया है.





