नियुक्ति घोटाले पर घिरी रेवंत रेड्डी सरकार, ओवैसी ने उठाया मुद्दा, जानें मामला

नियुक्ति घोटाले पर घिरी रेवंत रेड्डी सरकार, ओवैसी ने उठाया मुद्दा, जानें मामला


AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में कांग्रेस सरकार पर संसद में एक ट्रस्ट चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर तीखा हमला किया. उन्होंने करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार घोटाले पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए. बिना किसी का नाम लिए ओवैसी ने कहा, ‘जिन लोगों को नियुक्त किया गया उन्हें किसने नियुक्त किया? सरकार ने ही किया, है ना? आप उन्हें संसद लाए और ट्रस्ट में नियुक्त किया, फिर भी वहां करोड़ों रुपये की चोरी हो गई.’ 

उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह ट्रस्ट का इस्तेमाल सत्ता और सीटें हासिल करने के लिए कर रही है और जनता के भरोसे का मज़ाक उड़ा रही है. ओवैसी ने मांग की कि सरकार कथित चोरी के बारे में अपनी रिपोर्ट जारी करे. उन्होंने सवाल किया कि FIR दर्ज होने के बावजूद इसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है. 

उन्होंने पूछा, ‘FIR दर्ज हो चुकी है और आपके पास रिपोर्ट भी है तो वह रिपोर्ट जनता के सामने क्यों नहीं आ रही है?’ 

ओवैसी बोले- सरकार सच छिपा रही है

उन्होंने इशारा किया कि सरकार सच छिपा रही है. उनके ये बयान सरकार की तरफ से विभिन्न नियुक्तियों और वित्तीय अनियमितताओं को संभालने के तरीके पर सवाल उठाने वाली विपक्षी आवाज़ों में और इजाफा करते हैं, खासकर कांग्रेस पार्टी में बढ़ते आंतरिक संकट के बीच.

AIMIM प्रमुख की यह तीखी आलोचना ऐसे समय में आई है, जब कांग्रेस सरकार पहले से ही भारी राजनीतिक दबाव में है. इससे पहले दिन में BJP ने फीस रिइम्बर्समेंट (शुल्क प्रतिपूर्ति) के बकाया भुगतान की मांग को लेकर सचिवालय में ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया था. 

विपक्षी BJP और BRS लगातार कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं, और ओवैसी के इस बयान ने एक नया पहलू जोड़ दिया है, जिसमें ट्रस्ट चेयरमैन की नियुक्ति को बड़े पैमाने पर वित्तीय घोटाले से जोड़ा गया है. ट्रस्ट की खास जानकारी और इसमें शामिल लोगों की पहचान आधिकारिक तौर पर उजागर नहीं की गई है, लेकिन ओवैसी का बयान जनता के भरोसे के गंभीर उल्लंघन की ओर इशारा करता है.

सियासी भंवर में फंसे रेवंत रेड्डी? 

इस घटनाक्रम से रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार पर राजनीतिक दबाव और बढ़ने की संभावना है, जो पहले से ही मंत्री कोंडा सुरेखा को हटाए जाने के बाद आंतरिक असंतोष से जूझ रही है. जैसे-जैसे विपक्षी दल अपने हमले तेज कर रहे हैं, सरकार को कई मोर्चों पर कड़े सवालों का सामना करना पड़ सकता है. 

हालांकि, कांग्रेस ने अभी तक ओवैसी के आरोपों पर आधिकारिक तौर पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, और यह देखना बाकी है कि क्या सरकार संबंधित रिपोर्ट जारी करेगी या इस मामले पर कोई स्पष्टीकरण देगी.



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