निवेश का नया दौर, जानिए कैसे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं सात्विक, शरिया और ईएसजी इंडेक्स

निवेश का नया दौर, जानिए कैसे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं सात्विक, शरिया और ईएसजी इंडेक्स


Share Market News: भारत के शेयर बाजार में अब सिर्फ पैसा कमाने के लिए नहीं बल्कि अपनी सोच और सिद्धांतों के हिसाब से भी निवेश करने का चलन बढ़ रहा है. हाल ही में बीएसई इंडेक्स सर्विसेज ने सात्विक 100 इंडेक्स लॉन्च किया है, लेकिन इससे पहले भी भारत में दो और तरह के थीम वाले इंडेक्स मौजूद हैं. इनमें एक है ईएसजी इंडेक्स और दूसरा है शरिया इंडेक्स. तीनों का काम एक जैसा लगता है यानी किसी एक सोच के आधार पर कंपनियों को छानना लेकिन तीनों का तरीका बिल्कुल अलग है.

सात्विक 100 इंडेक्स में कौन सी कंपनियां आती हैं?

बीएसई सात्विक 100 इंडेक्स बीएसई 500 की कंपनियों में से उन कंपनियों को चुनता है जो सात्विक सिद्धांतों पर चलती हैं. इसमें कुल 100 कंपनियां शामिल हैं. वेल्थ कंपनी नाम के एक फंड हाउस के मुताबिक इस तरह की छानबीन में शराब, तंबाकू, जुआ, अश्लील मनोरंजन, नशीले पदार्थ, चमड़ा, मांस मुर्गी पालन, कीटनाशक और जानवरों पर अत्याचार से जुड़ी कंपनियों को बाहर रखा जाता है.

इस इंडेक्स में एचडीएफसी बैंक सबसे ज्यादा हिस्सेदारी के साथ शामिल है, उसके बाद आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज आती हैं, यानी बैंक और फाइनेंस कंपनियों को इस इंडेक्स से बाहर नहीं रखा गया है.

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शरिया इंडेक्स में बैंकों की जगह नहीं

एनएसई का निफ्टी शरिया 25 इंडेक्स इस्लामी नियमों के हिसाब से कंपनियों को चुनता है. इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें ऐसी कंपनियां नहीं आती जो ब्याज पर पैसा देने या लेने का काम करती हैं, इसलिए बैंक और एनबीएफसी जैसी कंपनियां इस इंडेक्स में लगभग नहीं आती. इसके अलावा शराब, जुआ, सूअर के मांस से जुड़ी कंपनियां भी इसमें शामिल नहीं होती. 

निफ्टी शरिया 25 में हिंदुस्तान यूनिलीवर, टीसीएस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसी कंपनियां शामिल हैं. यहां हर महीने जांच होती है कि कंपनी अभी भी नियमों पर चल रही है या नहीं और साल में दो बार पूरी लिस्ट का रिव्यू होता है.

ईएसजी इंडेक्स का तरीका सबसे अलग

बीएसई 100 ईएसजी इंडेक्स किसी धर्म या नैतिकता के सिद्धांत पर नहीं चलता बल्कि कंपनी पर्यावरण का कितना ध्यान रखती है समाज के साथ कैसा व्यवहार करती है और कंपनी का कामकाज कितना साफ सुथरा है इन तीन बातों के स्कोर पर चलता है.

इसमें बीएसई 100 की उन कंपनियों को रखा जाता है, जिनका यह स्कोर एक तय सीमा से ज्यादा हो. यह स्कोर एक अलग एजेंसी देती है, जो कंपनी का पर्यावरण को लेकर रवैया, कर्मचारियों के साथ बर्ताव और बोर्ड का कामकाज देखकर तय करती है. यहां किसी एक तरह के बिजनेस को सीधे बाहर नहीं किया जाता बल्कि हर कंपनी का स्कोर देखकर फैसला होता है.

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तीनों में बुनियादी फर्क क्या है?

सबसे बड़ा फर्क यह है कि सात्विक इंडेक्स खाने पीने और नैतिकता से जुड़ी बातों के आधार पर कंपनियां चुनता है. शरिया इंडेक्स इस्लामी पैसों के नियमों के आधार पर चुनता है, जिसमें ब्याज वाला कारोबार पूरी तरह बाहर हो जाता है और ईएसजी इंडेक्स कंपनी के पर्यावरण और कामकाज के स्कोर के आधार पर फैसला लेता है. इसी वजह से एचडीएफसी बैंक जैसी कंपनी सात्विक 100 में सबसे ऊपर है, लेकिन शरिया इंडेक्स में बैंकों की कोई जगह नहीं बनती. 

तीनों इंडेक्स का इस्तेमाल फंड हाउस अपने ईटीएफ, इंडेक्स फंड और दूसरी स्कीम के बेंचमार्क के तौर पर कर सकते हैं.

निवेशकों के लिए क्या मतलब निकलता है?

अगर कोई निवेशक सिर्फ रिटर्न नहीं बल्कि अपनी सोच के हिसाब से भी पैसा लगाना चाहता है तो अब उसके पास तीन रास्ते हैं. सात्विक 100 उन लोगों के लिए है, जो खाने पीने और नैतिकता से जुड़ी बातों को अहमियत देते हैं.

शरिया इंडेक्स उन लोगों के लिए है, जो इस्लामी पैसों के नियम मानना चाहते हैं और ईएसजी इंडेक्स उन लोगों के लिए है जो कंपनी की पर्यावरण और कामकाज से जुड़ी जिम्मेदारी को ज्यादा अहमियत देते हैं.

हालांकि अभी सात्विक 100 पर कोई सीधा फंड या ईटीएफ मौजूद नहीं है, इसलिए निवेशकों को इसमें सीधे पैसा लगाने के लिए अभी इंतजार करना होगा.



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