न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी के इजरायली प्रधानमंत्री की गिरफ्तारी को लेकर दिए बयान पर मचे बवाल के बीच अमेरिकी डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका में रहते हुए किसी भी हालत में गिरफ्तार नहीं किया जाएगा.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर पोस्ट में लिखा, ‘इजरायल के प्रधानमंत्री ईरान के इस्लामी गणराज्य के खिलाफ लड़ रहे हैं, जिसने हाल ही में 52,000 निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या की है और पिछले 47 वर्षों से अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों को मार रहा है. बेंजामिन नेतन्याहू को किसी भी हाल में अरेस्ट नहीं किया जाएगा. गिरफ्तार होने लायक तो सिर्फ वे लोग हैं जिन्होंने ईरान को मौत और विनाश के इस अभूतपूर्व चक्र में धकेला है, जिससे वर्षों पहले पूर्व राष्ट्रपतियों को निपटना चाहिए था!’
ममदानी के बयान से मचा बवाल
नेतन्याहू की गिरफ्तारी को लेकर मामले ने तूल उस समय पकड़ा था, जब अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने एक इंटरव्यू में इजरायल के प्रधानमंत्री को लेकर बयान दिया.अमेरिकी और इजरायली मीडिया के मुताबिक, ममदानी ने शनिवार (18 जुलाई) को छपे एक इंटरव्यू में कहा कि उनका मानना है कि अगर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए शहर आते हैं तो उन्हें युद्ध अपराध के लिए गिरफ्तार किया जाना चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने के लिए वे कानूनों में बदलाव करने की कोशिश नहीं करेंगे.
क्या बोले ममदानी?
मेयर ममदानी ने कहा, ‘मेरा मानना है कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू को हेग में रहना चाहिए. वह एक युद्ध अपराधी हैं जिन पर इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने आरोप लगाया है. आप पाएंगे कि यह एक ऐसी राय है जो कई लोगों की है, सिर्फ इसलिए क्योंकि पिछले कई सालों में उनके कामों ने ऐसा किया है.’ बता दें, ममदानी ने न्यूयॉर्क पुलिस डिपार्टमेंट को इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट द्वारा वॉन्टेड नेताओं के खिलाफ अरेस्ट वारंट लागू करने के लिए भेजने का वादा किया था. इसमें नेतन्याहू और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं.
इजरायली राजदूत ने किया पलटवार
अमेरिका में इजरायली राजदूत माइक वॉल्ट्ज ने ममदानी पर पलटवार करते हुए कहा कि नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की आपकी मंशा कभी पूरी नहीं होगी. वॉल्ट्ज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मेयर ममदानी, यूएनजीए के दौरान न्यूयॉर्क में पीएम नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की आपकी धमकी क्यों नहीं पूरी होगी. पहला, अमेरिका रोम स्टैच्यूट का हिस्सा नहीं है, जो आईसीसी के तहत आता है. दूसरा, यूएन हेडक्वार्टर एग्रीमेंट आने वाले सरकार के प्रमुखों को डिप्लोमैटिक सुरक्षा देता है. तीसरा, हेड-ऑफ-स्टेट इम्यूनिटी लागू होती है. चौथा, फेडरल अथॉरिटी किसी भी स्थानीय मेयर की इच्छा से ऊपर है. यह पूरी तरह से राजनीतिक नाटक है.’
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