पूरा पैसा नहीं है? फिर भी खरीद सकते हैं Jio का शेयर, क्या है MTF?

पूरा पैसा नहीं है? फिर भी खरीद सकते हैं Jio का शेयर, क्या है MTF?


शेयर बाजार में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन आपके पास शेयर खरीदने के लिए पूरे पैसे नहीं है? ऐसे निवेशकों के लिए मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी MTF का ऑप्शन मौजूद है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में भी लिस्टिंग के पहले दिन से इस सुविधा के जरिए खरीदारी की जा सकती है.

जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट हो रहे हैं. NSE के सर्कुलर के मुताबिक, शेयरों में पहले दिन से कारोबार शुरू होगा. वहीं, MTF के जरिए निवेशक शेयर की पूरी कीमत अपनी जेब से देने के बजाय कुछ रकम देकर बाकी पैसा ब्रोकर से उधार ले सकते हैं. आइए MTF को आसान भाषा में समझते हैं और जानते हैं कि जियो के शेयर खरीदने में ये कैसे काम करेगा.

क्या है MTF?

MTF यानी मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी शेयर बाजार में निवेश करने का एक तरीका है. इसमें निवेशक को शेयर खरीदने के लिए पूरे पैसे खुद नहीं लगानी पड़ते हैं. वो शेयर की कीमत का एक हिस्सा अपनी तरफ से देते हैं और बाकी रकम ब्रोकर से फंडिंग के तौर पर लेते हैं. MTF का मतलब फ्री का शेयर नहीं है, इसमें ब्रोकर से ली गई रकम पर ब्याज देना पड़ता है और शेयर का भाव गिरने पर नुकसान भी बढ़ जाता है. 

जैसे कि आप 50,000 रुपए के शेयर खरीदना चाहते हैं, लेकिन आपके पास केवल 25,000 रुपए हैं. अगर आपका ब्रोकर इस सौदे के लिए 50% मार्जिन की अनुमति देता है, तो आप 25,000 रुपए खुद लगाकर बाकी के 25,000 रुपए की फंडिंग ले सकते हैं. इसके बदले ब्रोकर आपसे ब्याज और शर्तों के अनुसार फीस ले सकता है.

जियो शेयर में कैसे काम करेगा MTF?

जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO का प्राइस बैंड 1,065 रुपए से 1,119 रुपए प्रति शेयर है. अब कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद उनकी खरीद-बिक्री एक्सचेंज पर होने लगेगी. MTF के जरिए खरीदारी करने वाले निवेशक को उस समय बाजार में चल रही कीमत के हिसाब से सौदा करना होगा.

जैसे लिस्टिंग के बाद जियो का शेयर 1,200 रुपए पर कारोबार कर रहा है और आप 100 शेयर खरीदना चाहते हैं. ऐसे में सौदे की कीमत 1,20,000 रुपए हुई. अगर आपके ब्रोकर की शर्तों के मुताबिक आपको 50% रकम खुद लगानी है, तो आपको 60,000 रुपए देने होंगे और बाकी के 60,000 रुपए की फंडिंग ब्रोकर से मिलेगा. इसके बाद उधार के पैसे, ब्याज और दूसरी फीस चुकानी होगी

MTF से क्या फायदा- क्या नुकसान?

MTF का सबसे बड़ा फायदा है कि कम पैसे होने पर भी निवेशक अपनी पूंजी से ज्यादा कीमत के शेयर खरीद सकता है. अगर शेयर का भाव उम्मीद के मुताबिक बढ़ता है, तो अपनी लगाई गई रकम के मुकाबले रिटर्न ज्यादा हो सकता है. लेकिन इसका नुकसान ये है कि शेयर का भाव गिरने पर भी ब्रोकर से ली गई रकम तो वापस करनी होती है और उस पर ब्याज भी लगता है. 

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