आपको बता दें कि IMEI यानी International Mobile Equipment Identity एक यूनिक नंबर होता है जो मोबाइल डिवाइस की पहचान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. नॉर्मली ये 15 अंकों का होता है. डुअल-सिम फोन में अक्सर दो IMEI नंबर दिए जाते हैं.

IMEI देखने का सबसे आसान तरीका है फोन के डायलर में *#06# दर्ज करना. इसके बाद स्क्रीन पर IMEI नंबर दिखाई देगा. इसे फोन की Settings में भी देखा जा सकता है.

वारंटी चेक करने का तरीका हर कंपनी में थोड़ा अलग हो सकता है. इसके लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन की कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट या सपोर्ट ऐप खोलें. वहां Warranty Check, Product Support, Device Information या इसी तरह के ऑप्शन को सर्च करें.

अब फोन का IMEI नंबर दर्ज करें. कुछ कंपनियां IMEI के साथ मॉडल नंबर, सीरियल नंबर या खरीदारी की तारीख जैसी जानकारी भी मांग सकती हैं. जानकारी सबमिट करने के बाद स्क्रीन पर आपको डिवाइस की वारंटी की कंडिशन दिखाई देगी. इसमें ये पता चलेगा कि फोन अभी वारंटी के अंदर है या नहीं और वारंटी कितने समय तक की है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर फोन में कोई ऐसी खराबी आती है जो कंपनी की वारंटी नियमों के तहत कवर होती है तो रजिस्टर्ड सर्विस सेंटर पर रिपेयरिंग का लाभ मिल सकता है. जैसे कुछ मामलों में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट से जुड़ी समस्या वारंटी के अंदर आती है. हालांकि, हर तरह की खराबी फ्री रिपेयर के लिए नहीं होती है. फोन गिरने से टूटा हो, पानी से खराब हुआ हो या किसी दूसरे तरीके से रिपेयर कराया गया हो तो वारंटी क्लेम खारिज हो सकता है.

एक जरूरी बात ये है कि IMEI से मिलने वाली जानकारी कंपनी के रिकॉर्ड पर निर्भर करती है. कई बार वारंटी की तारीख एक्टिवेशन या कंपनी के रिकॉर्ड के आधार पर दिखाई जा सकती है. इसलिए अगर ऑनलाइन दिखाई गई वारंटी और आपके बिल की तारीख में अंतर है तो खरीद का बिल संभालकर रखें.
Published at : 06 Sep 2026 01:00 PM (IST)






