पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब बलूचिस्तान का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है. पाकिस्तान के सबसे बड़े और नेचुरल सोर्स से भरपूर प्रोविंस बलूचिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इसकी वजह यह है कि रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने 11 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस घोषित किया है और दुनिया भर में रहने वाले बलूच लोगों से इसे बड़े स्तर पर मनाने की अपील की है. संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के रूप में मान्यता देने की मांग की है. इसके साथ ही उसने घोषणा की है कि 11 अगस्त को बलूचिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा.
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब कुछ सप्ताह पहले ही बलूचिस्तान ने खुद को पाकिस्तान से स्वतंत्र घोषित करने का दावा किया था. हालांकि पाकिस्तान ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बलूचिस्तान को पाकिस्तान का हिस्सा माना जाता है. इसके बावजूद बलूच आंदोलन से जुड़े संगठन और नेता लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि बलूचिस्तान ने कभी खुद को पाकिस्तान का हिस्सा नहीं माना और यहां वर्षों से आजादी की मांग को लेकर संघर्ष जारी है.
The Republic of Balochistan announces worldwide celebrations of August 11 as the Independence Day of Balochistan with national unity
3 August, 2026
On this occasion, the residents of the Baloch nation will hoist the national flag of independent Balochistan in their homes,… pic.twitter.com/CsDZqWAC8x
— Mir Yar Baloch (@miryar_baloch) August 3, 2026
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बलूच आंदोलन से जुड़े नेता मीर यार बलोच
बलूच आंदोलन से जुड़े नेता मीर यार बलोच ने दुनिया के अलग-अलग देशों में रहने वाले बलूच समुदाय से अपील की है कि वे 11 अगस्त को अपने घरों, बाजारों, दुकानों, एजुकेशन संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों पर कथित स्वतंत्र बलूचिस्तान का झंडा फहराएं. उनके अनुसार अब हर साल 11 अगस्त को बलूचिस्तान का स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा. रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान का दावा है कि 11 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन समाप्त होने से ठीक पहले बलूचिस्तान ने खुद को स्वतंत्र घोषित किया था.
संगठन का कहना है कि उस समय पाकिस्तान ने भी कलात रियासत की स्वतंत्रता को स्वीकार किया था, लेकिन बाद में उसे पाकिस्तान में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया. संगठन के अनुसार उस समय इस खबर की घोषणा अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने की थी, जिसमें द न्यूयॉर्क टाइम्स और ऑल इंडिया रेडियो भी शामिल थे. इसी दावे के आधार पर संगठन 11 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाने की बात कहता है.
पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति क्या है?
बलूचिस्तान का कहना है कि जब तक पाकिस्तान अपनी मौजूदा स्थिति में रहेगा, तब तक क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और बढ़ोतरी संभव नहीं है. संगठन ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देने और उसके समर्थन में आगे आने की अपील की है. संगठन का दावा है कि लगभग 6 करोड़ बलूच खुद को एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र का नागरिक मानते हैं.
रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान ने 8 फरवरी 2026 को अपना अंतरिम संविधान भी जारी किया था. इस संविधान को बलूच नेता मीर यार बलूच ने तैयार किया है. उन्होंने कहा था कि यह संविधान उन लाखों लोगों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है, जिन्हें पाकिस्तान में प्रताड़ना और अन्य कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. उनके अनुसार यह दस्तावेज दुनिया को यह मैसेज देता है कि बलूचिस्तान एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में आगे बढ़ना चाहता है, जहां सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार मिलें.
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