बारिश के बाद खेत में भर गया है पानी, इन फसलों की कर सकते हैं बुवाई

बारिश के बाद खेत में भर गया है पानी, इन फसलों की कर सकते हैं बुवाई


Rabi Crops Sowing 2026: पिछले कुछ दिनों में हूई लगातार बारिश के बाद बहुत जगह खेतों में पानी भर गया है. इस वजह से किसानों की चिंता बढ़ गई है. ऐसे में किसानों के सामने अब ये सवाल है कि, खेत में कौन सी फसल बोई जाए और अगली फसल की तैयारी कैसे करें. खासकर रबी सीजन में बुवाई का समय निकलने का डर भी रहता है. 

लेकिन अगर खेत से पानी निकाल दिया जाए और मिट्टी बुवाई के लायक हो जाए, तो किसान गेहूं, सरसों, चना, मटर और जौ जैसी फसलों की तैयारी कर सकते हैं. हालांकि, फसल का चुनाव मिट्टी, पानी निकलने की व्यवस्था और आपके इलाके के मौसम को देखकर ही करना चाहिए.

सबसे पहले खेत से निकालें पानी

बारिश के बाद खेत में लंबे समय तक पानी भरा रहने से मिट्टी में हवा की कमी हो जाती है. ऐसे में पौधों की जड़ों को ठीक से सांस नहीं मिल पाती और फसल की बढ़वार पर असर पड़ सकता है. इसलिए बुवाई से पहले खेत में जमा अतिरिक्त पानी निकालना जरूरी है. इसके लिए खेत के किनारे नालियां बनाएं और जहां पानी ज्यादा जमा है, वहां से उसे बाहर निकालने का इंतजाम करें.

पानी निकलने के बाद खेत को कुछ समय सूखने दें. जब मिट्टी इतनी सूखी हो जाए कि, जुताई और बुवाई आसानी से हो सके, तभी आगे का काम करें. गीली मिट्टी में ट्रैक्टर चलाने या जुताई करने से खेत की मिट्टी सख्त हो सकती है.

गेहूं की कर सकते हैं बुवाई

अगर खेत से पानी निकल चुका है और मिट्टी में सही नमी बची हुई है, तो किसान गेहूं की बुवाई कर सकते हैं. उत्तर भारत में रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं है. लेकिन इसकी बुवाई में ज्यादा देरी न करें. अपने इलाके के हिसाब से सही समय और किस्म की जानकारी कृषि विज्ञान केंद्र से जरूर लें. खेत में पानी रुकने की समस्या हो तो पहले उसकी निकासी ठीक करें.

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सरसों की फसल भी है एक विकल्प

कम पानी में होने वाली रबी फसलों में सरसों भी किसानों के लिए एक विकल्प है. अच्छी जल निकासी वाली जमीन में इसकी बुवाई की जा सकती है. अगर खेत में पानी लंबे समय तक जमा रहता है, तो सरसों की बुवाई से पहले खेत को ठीक करना जरूरी है. पानी भरी मिट्टी में बीज डालने से अंकुरण और पौधों की बढ़वार प्रभावित हो सकती है.

चना, मटर और जौ भी बो सकते हैं

खेत की मिट्टी और इलाके के मौसम के हिसाब से किसान चना, मटर और जौ की बुवाई पर भी विचार कर सकते हैं. चना ऐसी जमीन में बेहतर रहता है जहां पानी जमा न हो. मटर के खेत में भी जल निकासी का ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि ज्यादा पानी से इसकी पैदावार प्रभावित हो सकती है. वहीं, जौ को भी रबी सीजन में उगाया जाता है. इन फसलों की बुवाई से पहले अपने जिले के कृषि विशेषज्ञ से सही किस्म और बुवाई के समय की जानकारी लें.

बुवाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान

बारिश के बाद खेत में नमी ज्यादा हो तो बिना जांचे खाद या बीज न डालें. पहले खेत की हालत देखें और जरूरत के मुताबिक मिट्टी तैयार करें. बीज की मात्रा, खाद और बुवाई का तरीका फसल के अनुसार रखें. अगर खेत में पानी बार-बार भरता है, तो मेड़ और नालियों को ठीक करना भी जरूरी है.

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