बारिश से फसल को नुकसान तो मुआवजा देगी सरकार, ऐसे करें आवेदन

बारिश से फसल को नुकसान तो मुआवजा देगी सरकार, ऐसे करें आवेदन


UP Crop Compensation: उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है. इस वजह से कहीं खेतों में पानी भर गया है, तो कहीं तैयार खड़ी फसलें जमीन पर गिर गई है. ऐसे में किसानों के सामने अगली फसल की तैयारी और घर खर्च चलाने की चिंता खड़ी हो गई है. 

हालांकि, किसानों के लिए राहत की बात यह है कि फसल को नुकसान होने पर किसानों को सरकारी मदद और फसल बीमा का लाभ मिल सकता है. लेकिन इसके लिए नुकसान की जानकारी समय पर देना और जरूरी प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है. 

फसल खराब होने पर सबसे पहले क्या करें?

अगर बारिश या तेज हवा से आपकी फसल खराब हुई है, तो सबसे पहले नुकसान की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित कर लें. इनमें खेत और फसल की स्थिति साफ दिखाई देनी चाहिए. इसके बाद अपने गांव के लेखपाल, तहसील या कृषि विभाग के अधिकारियों को नुकसान की जानकारी दें. प्रशासन की ओर से खेतों का सर्वे कराया जाता है. इसी के आधार पर नुकसान का आकलन और सरकारी मदद के लिए पात्रता तय होती है. यूपी में बाढ़ और ज्यादा बारिश से प्रभावित फसलों का डिजिटल सर्वे भी कराया जा रहा है. अधिकारियों को खेतों में जाकर नुकसान की स्थिति देखने और रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं.

फसल बीमा कराया है तो 72 घंटे का रखें ध्यान

अगर आपने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसल का बीमा कराया है, तो नुकसान होने के 72 घंटे के अंदर इसकी सूचना देना जरूरी है. इसके लिए किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा क्रॉप इंश्योरेंस ऐप और जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक के कार्यालय में भी जानकारी दे सकते हैं. सूचना देते समय किसान को अपना नाम, मोबाइल नंबर, फसल और नुकसान से जुड़ी जानकारी देनी होगी. इसके बाद नियमों के अनुसार खेत का सर्वे कराया जाता है. इसलिए नुकसान होने के बाद सूचना देने में देरी न करें.

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ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत

किसान फसल नुकसान की जानकारी देने के लिए क्रॉप इंश्योरेंस ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा 7065514447 पर व्हाट्सऐप चैटबॉट के जरिए भी सूचना साझा की जा सकती है. किसान फसल बीमा की आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in पर जाकर भी जानकारी ले सकते हैं. जरूरत पड़ने पर बैंक शाखा, ग्राम प्रधान या क्षेत्र पंचायत सदस्य की मदद से भी बीमा कंपनी तक अपना दावा पहुंचा सकते हैं. 

कब मिलेगा मुआवजा?

फसल नुकसान की जांच और सर्वे पूरा होने के बाद ही मुआवजे की रकम तय होती है. सरकारी राहत और फसल बीमा का पैसा अलग-अलग नियमों के तहत मिलता है. इसलिए यह जरूरी नहीं कि हर किसान को एक जैसी रकम मिले. नुकसान कितना हुआ है, किसान किस योजना के दायरे में आता है और सर्वे में क्या सामने आया है, इन बातों के आधार पर मदद तय की जाती है.

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