‘यूएस-ईरान के बीच चुटकियों में खत्म होगी जंग’, जेफरीज ने बताया वॉर से निपटने का मेगा प्लान!

‘यूएस-ईरान के बीच चुटकियों में खत्म होगी जंग’, जेफरीज ने बताया वॉर से निपटने का मेगा प्लान!


मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान विवाद और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बनी अस्थिरता ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. कच्‍चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ा है. हालांकि अभी भी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि कब दोनों देशों के बीच अपनी-अपनी शर्तों पर डील होगी और दुनिया इस मुसीबत से निकल पाएगी.

ईरान और अमेरिका के बीच फिलहाल सीजफायर कायम है दोनों ही देश बातचीत की टेबल पर लौटे हैं. ट्रंप इस पूरे विवाद को इस तरह खत्म करना चाहते हैं जिसमें ये नजर आए कि अमेरिका की जीत हुई. ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति इसका फायदा मिड टर्म इलेक्शन में उठा सकें.

सिर्फ 5 सेकेंड में खत्‍म हो जाएगी जंग: जेफरीज

वर्तमान में राजनीति हालात को देखें तो इस बात की संभावना बहुत लग रही है कि इस तरह की डील हो पाए जिसमें ट्रंप खुद को विजेता घोषित कर दें और ईरान भी शांत रहे. जेफरीज की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अगर अमेरिका कुछ काम कर लेता है तो 5 सेकंड में यह जंग रुक सकती है. ग्रीड एंड फीयर नोट में जेफरीज ने कहा कि घरेलू राजनीति के कारण ट्रंप इस जंग को खत्म करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें इससे निकलने का रास्ता नहीं मिल रहा.

जेफरीज ने कहा, ‘हाल ही में अमेरिकी बॉन्ड बाजार में हुई हलचल ने इस उम्मीद को फिर से जगा दिया है कि ट्रंप ईरान के साथ  समझौता करेंगे. ट्रंप की ओर से किया गया कोई भी डील जिसमें ईरान में सत्ता परिवर्तन नहीं हो वो इजरायल के एजेंडे के विपरीत होगा. अगर अमेरिका ईरान की संपत्तियों को अनफ्रीज कर दे और उस पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटा दे तो ये समझौता 5 सेकंड में हो सकता है.’ इस रिपोर्ट में न्यूयॉर्क टाइम्स के एक लेख का भी जिक्र किया गया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका और इजरायल का प्रशासन ईरान में जिस सत्ता परिवर्तन की उम्मीद कर रहा था वो हो नहीं पाया.

ईरान से बातचीत को लेकर रुबियो ने जताए सकारात्मक संकेत

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार (21 मई 2026) को कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में अच्छे संकेत हैं. हालांकि, उन्होंने बहुत ज्यादा उम्मीद न रखने की चेतावनी दी और कहा कि अगर कूटनीति विफल हो जाती है तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास अभी भी दूसरे विकल्प हैं. उन्होंने कहा कि सरकार टकराव के बजाय बातचीत से समझौता करना पसंद करती है.

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