सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले शिक्षकों के चुनाव लड़ने पर रोक, CM शुभेंदु का बड़ा फैसला

सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले शिक्षकों के चुनाव लड़ने पर रोक, CM शुभेंदु का बड़ा फैसला


पश्चिम बंगाल के मुख्य्मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में भर्ती होने वाले शिक्षण चुनाव नहीं लड़ सकेंगे. इस फैसले के तहत नई भर्ती में शामिल होने वाले शिक्षकों पर चुनाव लड़ने को लेकर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है. हालांकि, इस घोषणा के लागू होने की तारीख, दायरे और कानूनी प्रावधानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार (28 अक्टूबर) को हावड़ा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, ‘कैबिनेट मीटिंग में आज हमने कई फैसले किए हैं. इसमें पहला फैसला किया है कि दुर्गा पूजा समारोह के दौरान हुई दुखद घटना से प्रभावित प्रत्येक परिवारों के एक सदस्य को ग्रुप-D के तहत स्थायी नौकरी दी जाएगी.

शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव को लेकर बोले मुख्यमंत्री

शुभेंदु अधिकारी ने कहा, ‘दूसरा फैसला इस सरकार के तहत शिक्षकों की भर्ती से जुड़ी है. अब शिक्षकों को सीधे तौर पर राजनीति में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी. इस संबंध में हम स्कूल सर्विस कमीशन (SSC) भर्ती नियमों में संशोधन कर रहे हैं, जिसे आज कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. 

उन्होंने कहा, ‘इस फैसले का उन शिक्षकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, जो पहले से राजनीति में सक्रिय हैं. यह सिर्फ उन शिक्षकों पर लागू होगा, जिनकी भविष्य में इस सरकार के तहत भर्ती होगी.’

ममता बनर्जी के खाते में 30 लाख रुपये ट्रांसफर होने पर बोले अधिकारी

इस दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के निजी खाते में 30 लाख ट्रांसफर होने को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा, ‘बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के खाते से 30 लाख रुपये ममता बनर्जी के निजी खाते में ट्रांसफर किए गए थे. इसका उनसे सीधा कनेक्शन है. CPI(M) ने इंद्रनील सेन को तैयार किया और ममता बनर्जी ने उन्हें आगे बढ़ाया.’

उन्होंने कहा, ‘CPI(M) के शासनकाल में उन्होंने काफी संपत्ति जमा की और ममता बनर्जी के शासन में उन्होंने हुगली में एक फार्महाउस बनाया.’ जांच के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इस बारे में जांच अधिकारी से पूछिए. जांच में हस्तक्षेप करना मेरा काम नहीं है. मेरी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि पुलिस उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करे, जिनके खिलाफ सबूत मौजूद हैं.’ 

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