सर्दियों में फसलों पर मंडराया बीमारी का खतरा! ऐसे करें बचाव

सर्दियों में फसलों पर मंडराया बीमारी का खतरा! ऐसे करें बचाव


Winter Crop Protection Tips: धीरे-धीरे ठंड बढ़ने लगी है. सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट महसूस होने लगी है. ऐसे में ठंड का असर खेतों में लगी फसलों पर भी पड़ता है. खासकर सर्दियों में लगातार कुहासा और पाला पड़ने से सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है. कई बार पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, तने और जड़ों के पास सड़न आने लगती है. 

वहीं, दूसरी तरफ आलू समेत दूसरी सब्जियों की बढ़वार भी रुक सकती है. अगर समय रहते इन समस्याओं से बचाव न किया जाए, तो पैदावार घटने के साथ किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में जरूरी है कि, किसान ठंड के मौसम में अपनी फसलों की खास देखभाल करें.

कुहासे में क्यों बढ़ जाता है फसलों में बीमारी का खतरा?

सर्दियों में जब कई दिनों तक धूप ठीक से नहीं निकलती और खेतों में नमी बनी रहती है, तो फसलों में फफूंद से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसकी वजह से पौधों की पत्तियों पर दाग पड़ सकते हैं और वे गलने लगती हैं. कई बार पौधों के तने और निचले हिस्से में भी सड़न दिखाई देने लगती है. वहीं, पाला पड़ने पर आलू और दूसरी सब्जियों के पौधों की पत्तियां झुलस सकती हैं. इससे पौधों की बढ़वार पर असर पड़ता है और फसल की पैदावार कम हो सकती है.

बीज बोने से पहले करें ये काम

फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए बुवाई के समय से ही सावधानी बरतना जरूरी है. किसान हमेशा अच्छी क्वालिटी के उपचारित बीजों का इस्तेमाल करें. बीज उपचारित होने से शुरुआत में ही कई तरह की बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है. अगर आपने बिना उपचारित बीज बोए हैं, तो ठंड और कुहासा बढ़ने से पहले फसल की देखभाल शुरू कर दें. खेत में पौधों की स्थिति पर नजर रखें और बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने पर सही उपाय करें.

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फफूंद से बचाव के लिए इन दवाओं का करें इस्तेमाल

कुहासे और ज्यादा नमी के कारण फफूंद का खतरा बढ़ने पर मेटालेक्सिल, मैनकोजेब और कार्बेन्डाजिम जैसी फफूंदनाशक दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, हर दवा हर फसल और बीमारी के लिए सही नहीं होती. इसलिए बिना जानकारी के इनका छिड़काव न करें. फसल में बीमारी के लक्षण और दवा की जरूरत देखकर कृषि विशेषज्ञ की सलाह लें. दवा की सही मात्रा और छिड़काव का अंतराल भी उसी के अनुसार तय करें.

खेत में पानी जमा न होने दें

सर्दियों में फसलों को बचाने के लिए खेत में जलभराव न होने दें. खेत में पानी जमा रहने से पौधों की जड़ों के आसपास नमी बढ़ती है और बीमारी का खतरा हो सकता है. इसलिए खेत की नालियां साफ रखें, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके.

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