सावन में इन 5 जादुई पौधों से सजाएं अपनी बालकनी, आसपास भी नहीं आएंगी बीमारियां

सावन में इन 5 जादुई पौधों से सजाएं अपनी बालकनी, आसपास भी नहीं आएंगी बीमारियां


Medicinal Plants for Balcony : बारिश का मौसम ठंडी हवाओं और हरियाली के बीच घर में नए पौधे लगाने का भी सबसे अच्छा समय माना जाता है. खासकर सावन के महीने में लगाए गए पौधे तेजी से बढ़ते हैं और उनकी देखभाल भी आसान होती है. अगर आप अपनी बालकनी या छत को खूबसूरत बनाने के साथ-साथ ऐसे पौधे लगाना चाहते हैं, जो रोजमर्रा की छोटी-मोटी परेशानियों में भी काम आ सकें, तो यह मौसम आपके लिए बिल्कुल सही है. कुछ औषधीय पौधे ऐसे हैं, जिन्हें जुलाई की बारिश में आसानी से लगाया जा सकता है. ये पौधे घर की हरियाली बढ़ाने के साथ इम्यूनिटी मजबूत करने और घर में ताजगी बनाए रखने में भी मददगार माने जाते हैं. साथ ही ये पौधे अपनी बालकनी को सजाने के साथ कई बीमारियों को आसपास भी नहीं आने देते हैं. तो आइए जानते हैं कि सावन में किन 5 जादुई पौधों से अपनी बालकनी सजाएं. 

सावन में किन 5 जादुई पौधों से अपनी बालकनी सजाएं

1. तुलसी का पौधा  – औषधीय पौधों में तुलसी का खास जगह है. इसे 10 से 12 इंच के गमले में आसानी से लगाया जा सकता है. इसकी पत्तियों का यूज चाय, काढ़ा और इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए किया जाता है. पौधा लगाने के करीब 40 से 50 दिनों बाद इसकी पत्तियां यूज के लिए तैयार हो जाती हैं. 

2. पुदीना का पौधा – अगर आप ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो जल्दी तैयार हो जाए, तो पुदीना अच्छा ऑप्शन है. इसे सिर्फ एक छोटी-सी टहनी से लगाया जा सकता है और जुलाई के मौसम में यह बहुत तेजी से फैलता है. करीब 30 से 35 दिनों में इसकी पहली कटाई की जा सकती है. इसका इस्तेमाल पेट दर्द और अपच जैसी समस्याओं में किया जाता है. 

3. अजवाइन का पौधा – अजवाइन का पौधा अपनी खुशबूदार पत्तियों के लिए जाना जाता है. पेट फूलने और गैस जैसी परेशानियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. मानसून में इसकी कटिंग लगाने पर यह 20 से 25 दिनों के भीतर अच्छी तरह फैलने लगता है. 

4. अश्वगंधा  का पौधा – अश्वगंधा लंबे समय में तैयार होने वाला औषधीय पौधा है. इसके बीज जुलाई की शुरुआत में बोए जाते हैं. इसकी जड़ें तैयार होने में लगभग 150 से 180 दिन का समय लगता है. इसका इस्तेमाल तनाव और एंग्जायटी से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है. 

5. पत्थरचट्टा का पौधा  – पत्थरचट्टा ऐसा पौधा है जिसे उगाना बेहद आसान है. इसका सिर्फ एक पत्ता मिट्टी पर रखने से नया पौधा तैयार हो जाता है. करीब 60 से 70 दिनों में यह अच्छी तरह ग्रो हो जाता है. इसका इस्तेमाल किडनी स्टोन से जुड़ी समस्याओं में किया जाता है. 

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गमला तैयार करने का सही तरीका

1. एक्सपर्ट के अनुसार, इन सभी पौधों को 12 से 14 इंच के गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है. सबसे पहले गमले में अच्छा ड्रेनेज होल बनाएं और उसे कंकड़ या टूटे हुए दीये के टुकड़े से ढक दें.

2. इसके बाद मिट्टी तैयार करने के लिए 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी, 30 प्रतिशत पुरानी गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट और 20 प्रतिशत रेत को अच्छी तरह मिला लें.

3. रेत मिलाने से अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाता है और बरसात में पौधों की जड़ें सड़ने से बची रहती हैं. 

पौधों की देखभाल करते समय रखें इन बातों का ध्यान

एक्सपर्ट के मुताबिक, पुदीना और अजवाइन तेजी से फैलते हैं, इसलिए इन्हें चौड़े मुंह वाले गमले में लगाना बेहतर रहता है. वहीं अश्वगंधा की जड़ें गहराई तक जाती हैं, इसलिए इसे गहरे गमले में लगाना चाहिए. सभी गमलों को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 4 से 5 घंटे की धूप मिल सके. इसके अलावा पानी तभी दें जब गमले की ऊपर वाली मिट्टी सूखी महसूस हो.  बरसात के मौसम में ज्यादा पानी या जलभराव होने से ये औषधीय पौधे खराब हो सकते हैं. 

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