Sawan Somwar Kheer Recipe: सावन का महीना शुरू होते ही बाबा भोलेनाथ की भक्ति का माहौल बन जाता है. इस दौरान लोग सोमवार का व्रत रखते हैं और मंदिर जाकर पूजा अर्चना करते हैं. सावन के सोमवार का अपना अलग महत्व भी है. इस व्रत में सादा खाना खाया जाता है, जिसमें अनाज नहीं होता. ऐसे में फ्रूट एंड नट खीर एक बहुत अच्छा ऑप्शन है, जो दूध, मखाने, फल और मेवों से बनती है और व्रत के दौरान शरीर को ताकत भी देती है.
आम खीर से कैसे अलग है ये खीर?
आमतौर पर खीर चावल और चीनी से बनाई जाती है, लेकिन व्रत वाली इस खीर में चावल की जगह मखाना डाला जाता है और साथ में ताजे फल व मेवे मिलाए जाते हैं. मखाना कमल के बीज से मिलता है और यह हल्का और पचाने में आसान होता है, इसलिए व्रत के खाने में बरसों से इस्तेमाल होता आ रहा है. मखाने की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमारे शरीर को जरूरी पोषण देता है और व्रत में भी शरीर की एनर्जी को बनाए रखता है.
खाने में क्या-क्या अच्छा मिलता है?
दूध और मखाने से शरीर को कैल्शियम मिलता है, जो हड्डियों के लिए अच्छा है. बादाम, काजू और पिस्ता जैसे मेवे दिल और त्वचा के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसमें डाले गए ताजे फल भी शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं. यानी ये खीर सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत के लिए भी अच्छी है.
जरूरी सामान
- 1 लीटर फुल-क्रीम दूध
- 2 कप मखाना
- 10 बादाम, कटे हुए
- 10 काजू, कटे हुए
- 8 पिस्ता, कटे हुए
- 2 टेबलस्पून किशमिश
- 1 सेब, कटा हुआ
- आधा कप अनार के दाने
- आधा टीस्पून इलायची पाउडर
- 2-3 टेबलस्पून गुड़ पाउडर या चीनी
- 1 टीस्पून घी
बनाने का तरीका
सबसे पहले घी गर्म करके मखाने को हल्का कुरकुरा होने तक भून लें. आधे मखाने को हल्का सा तोड़ लें और बाकी आधे साबुत ही रहने दें. अब दूध को उबालें और थोड़ा गाढ़ा होने तक पकाएं. इसमें टूटा हुआ और साबुत मखाना डाल दें, फिर बादाम, काजू, पिस्ता, किशमिश और इलायची पाउडर मिलाएं. खीर को थोड़ा ठंडा होने दें, उसके बाद कटे हुए फल डालें और सबको हल्के हाथों से मिला लें. अगर ठंडा खाना चाहें तो इसे फ्रिज में रख दें, और परोसने से पहले ऊपर से थोड़े और फल-मेवे डालकर सजा दें.
इसे और हेल्दी बनाने के आसान तरीके
- फुल-क्रीम दूध की जगह लो-फैट दूध इस्तेमाल करें
- मीठे फल ज्यादा डालें और चीनी या गुड़ की मात्रा कम रखें
- मखाना भूनते समय ज्यादा घी न डालें
- बादाम और पिस्ता की मात्रा थोड़ी बढ़ा दें
- चिया सीड्स या अलसी के बीज भी डाल सकते हैं
- ताजे और मौसमी फल ही इस्तेमाल करें






