यूरोप के बॉर्डर पर एक बार फिर बड़ा सुरक्षा और मानवीय संकट खड़ा हो गया है. अफ्रीकी देश मोरक्को से बड़ी संख्या में लोग समुद्र तैरकर और लैंड बॉर्डर के रास्ते स्पेन के सेउटा (Ceuta) क्षेत्र में अवैध रूप से प्रवेश कर रहे हैं. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि स्पेन ने सीमा पर सेना तैनात कर दी है. वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भी इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए यूरोप की सीमा सुरक्षा को लेकर कड़ी चेतावनी दी है.
स्पेन के सेउटा में बढ़ा अवैध प्रवासियों का दबाव
पिछले कुछ दिनों में हजारों मोरक्को के नागरिक अवैध तरीके से सीमा पार कर स्पेन के सेउटा क्षेत्र में पहुंच गए हैं. लगातार बढ़ रहे प्रवासियों के दबाव से सीमावर्ती इलाके में हालात बिगड़ गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने केंद्र सरकार से सेना की तैनाती और राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की थी. हालांकि, स्पेन सरकार ने अभी तक राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा नहीं की है, लेकिन हालात पर नियंत्रण के लिए सीमा पर बख्तरबंद वाहनों के साथ सेना तैनात कर दी गई है.
सीमा पार करने के दौरान कई लोगों की मौत
समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, सीमा पार करने की कोशिश के दौरान कम से कम नौ लोगों की मौत हुई है. वहीं, BBC की रिपोर्ट के अनुसार हाल के दिनों में समुद्र के रास्ते सीमा पार करने की कोशिश में करीब 60 लोगों की जान जा चुकी है. स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अचानक बड़ी संख्या में प्रवासियों के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था और राहत तंत्र दोनों पर भारी दबाव पड़ गया है.
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री करेंगे दौरा
सेउटा के क्षेत्रीय प्रमुख जुआन जीसस विवास ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से लगातार अवैध प्रवासियों की संख्या बढ़ रही है और स्थानीय संसाधन पूरी तरह जवाब दे चुके हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अतिरिक्त पुलिस बल और सैन्य सहायता भेजने की मांग की थी. इसके बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज और गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे मार्लास्का ने सेउटा का दौरा करने की घोषणा की है.
समंदर तैरकर और बाड़ पार कर पहुंचे प्रवासी
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार बड़ी संख्या में लोग समुद्र तैरकर, हवा से भरे ट्यूब और अन्य फ्लोटेशन उपकरणों की मदद से सेउटा पहुंचे. कई प्रवासी सीमा पर लगी बाड़ के गेट से दौड़ते हुए स्पेनिश क्षेत्र में दाखिल हो गए. इनमें ज्यादातर युवा पुरुष शामिल हैं, लेकिन महिलाओं और छोटे बच्चों वाले परिवार भी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं. स्पेन की सिविल गार्ड के अधिकारी राशिद स्बीही ने कहा कि स्थिति पूरी तरह अराजक हो चुकी है और सीमा सुरक्षा व्यवस्था लगभग ध्वस्त हो गई है.
प्रवासियों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे
सीमा पार करने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं. कुछ स्पेनिश मीडिया संस्थानों के अनुसार गुरुवार तक दो से तीन हजार लोग सीमा पार कर चुके हैं. वहीं सरकारी प्रसारक RTVE का कहना है कि पिछले दो सप्ताह में 1,500 से अधिक, जिनमें अधिकांश मोरक्को के युवा हैं, सेउटा पहुंचे हैं.
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि बिना माता-पिता वाले नाबालिगों के लिए बनाए गए आश्रय केंद्र अपनी क्षमता से कई गुना अधिक लोगों को शरण देने को मजबूर हैं. हाल के महीनों में समुद्र से करीब 60 शव भी बरामद किए गए हैं, जिससे इस रास्ते की खतरनाक स्थिति सामने आई है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उठा रहे हैं फायदा
स्पेन के गृह मंत्रालय का कहना है कि मानव तस्करी से जुड़े गिरोह हाल ही में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का फायदा उठाकर लोगों को अवैध रूप से सेउटा पहुंचने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इस महीने सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि समुद्र के रास्ते सेउटा या मेलिला पहुंचने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता. कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि अधिकांश प्रवासियों को इस फैसले की जानकारी ही नहीं थी.
स्पेन और मोरक्को मिलकर करेंगे कार्रवाई
स्पेन और मोरक्को दोनों सरकारों ने कहा है कि वे इस संकट से निपटने के लिए मिलकर काम कर रही हैं. दोनों देशों ने अवैध रूप से सेउटा पहुंचे लोगों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने और सीमा पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति जताई है.
इटली की प्रधानमंत्री ने दी कड़ी चेतावनी
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने सेउटा की तस्वीरों पर चिंता जताते हुए कहा कि अनियंत्रित अवैध प्रवासन यूरोप की सीमा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सेउटा से सामने आ रही तस्वीरें बेहद चिंताजनक हैं और यह साबित करती हैं कि अवैध प्रवासन यूरोप की सीमाओं के लिए वास्तविक खतरा है.
मेलोनी ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री माटेओ पियांतेदोसी से बातचीत की है और इटली संबंधित एजेंसियों की बैठक बुला रहा है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाए जाएंगे. इनमें स्पेन के साथ शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) की व्यवस्था को अस्थायी रूप से निलंबित करने जैसे विकल्प भी शामिल हो सकते हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अवैध प्रवासन के मुद्दे पर इटली एक इंच भी पीछे नहीं हटेगा और मानव तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा संकट
सेउटा और मेलिला अफ्रीका में स्थित स्पेन के दो छोटे क्षेत्र हैं, जो यूरोपीय संघ और अफ्रीका के बीच एकमात्र स्थलीय सीमा का प्रतिनिधित्व करते हैं. वर्ष 2021 में भी सेउटा में ऐसा ही बड़ा संकट देखने को मिला था, जब केवल दो दिनों में करीब 8,000 प्रवासी सीमा पार कर स्पेनिश क्षेत्र में दाखिल हो गए थे.





