पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoJK) में आज भी पाकिस्तानी रेंजर्स और एफसी की गोलीबारी जारी रही. सबसे पहले दोपहर एक बजे चिनार चौक के पास खेतों पर इकट्ठा लोगो पर दो पाकिस्तानी रेंजर्स दौड़कर आए और बेहद करीब से अंधाधुंध गोलीबारी करने लगे. इस गोलीबारी में कम से कम तीन लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है.
इस गोलीबारी के बाद बारिश शुरू हो गई तो थोड़ी देर मामला शांत रहा, लेकिन शाम 4 बजे जैसे ही लाखों प्रदर्शनकारियों का काफिला रावलाकोट से मुज़फ्फराबाद की ओर आगे बढ़ा तो पुलिस नाके पर पहुंचते ही एक बार फिर पहले पीओके पुलिस ने आंसू गैस की शेलिंग की और रेंजर्स ने गोलीबारी शुरू कर दी. इस गोलीबारी में भी कम से कम 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. फिलहाल रावलाकोट के ईदगाह मैदान से निकला 2 लाख से ज़्यादा लोगों का जत्था आगे बढ़कर रावलाकोट के डी चौक पर बैठा हुआ और रात साढ़े 10 बजे एक बार फिर पूरे शहर की बिजली काट का रेंजर्स की गोलीबारी चालू है और दूसरी तरफ लोगो की नारेबाजी.
दो दिनों में मरने वालों का आंकड़ा 31 पहुंचा
सोमवार और मंगलवार को मीरपुर और रावलाकोट में गोलीबारी में 7 घायलों ने कल रात से लेकर आज सुबह तक अंतिम सांस ली, जिससे सोमवार और मंगवाल की गोलीबारी में मृतकों का कुल आंकड़ा 31 हो गया है. इस लिहाज से तीन दिन में पाकिस्तानी रेंजर्स ने 36 निहत्थे कश्मीरियों को मार गिराया है.
पाकिस्तान रेंजर्स कर रहे हैं टारगेट किलिंग
पीओके में पाकिस्तानी रेंजर्स इस बार टारगेट किलिंग भी कर रहे हैं यानी गोलीबारी के समय ऐसे लोगों को मार रहे हैं जो प्रदर्शन में जिम्मेदारी संभाल रहे थे. इसी कड़ी में सोमवार को रेंजर्स की फायरिंग में प्रदर्शन के प्रमुख आयोजकों में से एक उमर नज़ीर के भाई उस्मान नज़ीर की पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई. इसी तरह प्रदर्शन में हर दिन रावलकोट बस स्टैंड पर राम प्रसाद बिस्मिल की ‘सरफ़रोशी की तम्माना’ गाने वाले पीएचडी छात्र ओसामा जमील की भी कल चिनार चौक पर पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में मौत हो गई. हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर फारूक सुधान भी पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हुआ है.
दुकानों को लूट रहे हैं मुनीर के जवान
अब तक आई जानकारी के मुताबिक बीते तीन दिनों में पाकिस्तानी रेंजर्स की बर्बरता में 80 से ज़्यादा लोग रावलाकोट और मीरपुर में घायल हुए हैं. जहां एक तरफ पाकिस्तान रेंजर्स और पीओके पुलिस लोगों के गोली मार रही है तो दूसरी तरफ मीरपुर में पाकिस्तानी सेना की लूटमारी की वीडियो और सीसीटीवी एबीपी न्यूज़ के हाथ लगे हैं, जहां पर सादी वर्दी में रेंजर्स और वर्दी में पीओके पुलिस के जवान एक दुकान का ताला तोड़ कर उसने से पानी की बोतल और आइसक्रीम चोरी कर रहे हैं.
शहबाज के सलाहकार ने फायरिंग को ठहराया सही
कुल मिलाकर 7 जून से शुरू हुई पाकिस्तानी सेना की बर्बरता और 9 जुलाई से शुरू हुए विद्रोह में विद्रोह के 50 वे दिन 29 जुलाई तक 110 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. साथ ही अभी भी बर्बरता जारी है. बर्बरता और विद्रोह के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के राजनैतिक मामलो पर विशेष सलाहकार और पूर्व गृहमंत्री राणा सनाउल्लाह ने पाकिस्तान की दशकों पुरानी आतंक की नीति की गवाही देते हुए जियो न्यूज़ पर कहा कि मुजफ्फराबाद कूच की कोशिश करने वाले, रावलाकोट में बैठे वही आतंकी हैं जिन्हें कभी पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ ट्रेन करके लड़ने के लिए भेजा था. राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि इन लोगों के पास हथियार भी हैं और इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जो कार्रवाई की जा रही है वो सही है.
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