Haryana Government Subsidy Scheme: हरियाणा सरकार राज्य में खेती-किसानी को आधुनिक बनाने और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है. इसी सोच के तहत सरकार कृषि यंत्रों और मशीनों की खरीद पर 50% तक की बंपर सब्सिडी दे रही है. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट कंपोनेंट के तहत चलाई जा रही इस योजना का मकसद किसानों को महंगे कृषि उपकरणों पर राहत देना और पराली प्रबंधन को आसान बनाना है.
सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर मशीन और मल्चर जैसे मार्डन उपकरणों पर सरकार की तरफ से लाखों रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. अगर आप भी हरियाणा के किसान हैं और नई मशीनों से अपनी खेती का काम आसान बनाना चाहते हैं तो यह एकदम बेस्ट मौका है. चलिए आपको बताते हैं कि इस योजना का फायदा आप कैसे ले सकते हैं.
कृषि यंत्रों पर कितनी मिल रही सब्सिडी?
हरियाणा सरकार 33 अलग-अलग तरह की कृषि मशीनों और उपकरणों पर लागत का 50% तक अनुदान दे रही है. इसमें छोटे उपकरणों से लेकर बड़ी-बड़ी बेलर और रीपर बाइंडर जैसी मशीनें शामिल हैं. मसलन बात की जाए सुपर सीडर पर 120000 रुपये तक, हैप्पी सीडर पर 87000 रुपये तक और बड़ी बाइंडिंग/बेलर मशीनों पर 9.90 लाख रुपये तक की भारी-भरकम सब्सिडी दी जा रही है. मशीनों की खरीद के बाद सरकार सब्सिडी की पूरी राशि सीधे किसान के आधार से लिंक बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेज देती है.
योजना का लाभ लेने के लिए जरूरी शर्तें
सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूर पात्रता मानदंड तय किए हैं. जिनका पालन करना हर आवेदक के लिए जरूरी है. सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक किसान हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए. इसके साथ ही किसान का हरियाणा सरकार के आधिकारिक मेरी फसल मेरा ब्यौरा (MFMB) पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना पूरी तरह अनिवार्य है.
गर आप ट्रैक्टर से चलने वाले किसी भी उपकरण जैसे सुपर सीडर, रीपर या बेलर के लिए अप्लाई कर रहे हैं. तो ट्रैक्टर की आरसी आवेदक के खुद के नाम पर होनी चाहिए. इसके अलावा योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने पिछले कुछ सालों के दौरान उस विशेष मशीन पर किसी अन्य सरकारी योजना के तहत सब्सिडी न ली हो.
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किन डाॅक्यूमेंट्स की होगी जरूरत?
सब्सिडी का आवेदन करते समय किसी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए कुछ दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए. इनमें सबसे पहले परिवार पहचान पत्र यानी PPP ID या मेरी फसल मेरा ब्यौरा रजिस्ट्रेशन नंबर होना जरूरी है.
इसके साथ ही पैन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, किसान का आधार कार्ड और ट्रैक्टर चालित यंत्रों के लिए ट्रैक्टर की आरसी लगेगी. इसके अलावा पटवारी रिपोर्ट और फार्मर अंडरटेकिंग फॉर्म भी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होता है. कागजात सही होने पर वेरिफिकेशन के दौरान आवेदन रिजेक्ट होने का कोई खतरा नहीं रहता.

सब्सिडी के लिए कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?
इस योजना के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है. इच्छुक किसानों को सबसे पहले हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के आधिकारिक पोर्टल agriharyana.gov.in पर जाना होगा. वेबसाइट के होमपेज पर उपलब्ध सब्सिडी योजना वाले लिंक पर क्लिक करें और अपना परिवार पहचान पत्र (PPP ID) या मेरी फसल मेरा ब्यौरा नंबर दर्ज करके लॉगिन करें.
इसके बाद जिस मशीन पर सब्सिडी चाहिए, उसका चयन करें और फॉर्म में मांगी गई अपनी सभी जानकारियां ध्यानपूर्वक भरें. मांगे गए सभी दस्तावेज सही फॉर्मेट में अपलोड करके फॉर्म फाइनल सबमिट कर दें. आवेदन प्रक्रिया बंद होने के बाद जिला स्तरीय समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों का चयन किया जाता है और परमिट जारी किया जाता है.
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