EPFO News: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के तहत हर कर्मचारी का एक पीएफ अकाउंट होता है. जिसमें उस कर्मचारी के भविष्य और जरूरतों के लिए फंड इकट्ठा होता है. लेकिन इस अकाउंट को लेकर कई लोगों के बीच अवेयरनेस की कमी है. जिसके चलते हाल ही में खुलासा हुआ है कि करीब 50 प्रतिशत कर्मचारी रिटायरमेंट के समय महज 10 या 20 हजार रुपये बैलेंस के साथ रिटायर हो रहे हैं. जिसे देखते हुए अब संगठन ने एक नया फैसला किया है.
EPFO का नया फैसला
दरअसल EPFO ने बताया है कि नए EPF स्कीम 2026 में PF खाते में कुल जमा राशि का कम से कम 25% हिस्सा बनाए रखना जरूरी होगा. बिजनेस स्टैंडर्ड के भेजे गए मेल पर रिप्लाय करते हुए EPFO ने ये भी बताया कि करीब 48.7 प्रतिशत कर्मचारियों के PF खाते में आखिरी भुगतान के समय सिर्फ 10,000 से 20,000 रुपये ही बचते थे. इससे रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा कमजोर हो जाती थी.
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आधे से ज्यादा निकालने पर भी होगी बचत
EPFO का ये भी कहना है कि अगर कोई कर्मचारी 20 साल तक हर महीने 15,000 रुपये की सैलरी पर नौकरी करता है, तो उसके PF खाते में करीब 14 लाख रुपये जमा हो सकते हैं. अगर वो बीच में 75% राशि निकाल भी ले, तब भी उसके खाते में करीब 3.5 लाख रुपये बचेंगे. इससे रिटायरमेंट के समय पहले की तुलना में 7 से 35 गुना ज्यादा बचत हो सकती है.
किए गए हैं कई बदलाव
1 जुलाई 2026 से लागू हुई नई EPF स्कीम में कई बदलाव किए गए हैं. अब अलग-अलग जरूरतों के लिए अलग नियमों की जगह एक आसान व्यवस्था बनाई गई है. कर्मचारी 12 महीने की नौकरी पूरी करने के बाद बीमारी, पढ़ाई, शादी और घर खरीदने जैसी जरूरतों के लिए PF से पैसा निकाल सकते हैं.
25% राशि रखना होगा अनिवार्य
अब यदि आपको कोई जरूरत होगी तो आप अपने पीएफ खाते से बैलेंस निकाल सकते हैं. लेकिन उससे पहले आपको कम से कम 25% राशि खाते में रखना जरूरी होगा. ये बदलाव कर्मचारियों के लिए फायदेमंद है क्योंकि इससे जरूरत पड़ने पर पैसा निकालना आसान होगा और रिटायरमेंट के लिए भी अच्छी बचत बनी रहेगी.
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