उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा की पंजाब नेशनल बैंक यानी पीएनबी बैंक शाखा से 35 करोड़ रुपए गायब होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. कई खाताधारकों ने अपनी जमा रकम में कथित गड़बड़ी की शिकायत की है, जिनमें सबसे ज्यादा पीड़ित किसान हैं. आरोप है कि लोगों की सालों की बचत और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से बड़ी रकम उनकी अनुमति के बिना दूसरे खातों में भेज दी गई.
ग्राहकों का कहना है कि उन्हें न तो ट्रांजैक्शन की जानकारी मिली और न ही समय रहते कोई अलर्ट आया. मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है.
किसी के खाते में 39 लाख, तो किसी की जमा रकम हुई कम
मामले में एक खाताधारक हनीफ खान ने दावा किया कि उनके खाते में करीब 39 लाख रुपये थे, लेकिन बाद में यह रकम खाते में दिखाई नहीं दी. उनका कहना है कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर करने के लिए न तो किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए और न ही उन्हें बैंक से कोई मैसेज मिला.
वहीं, किसान विजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके खाते में पहले करीब 87 से 88 लाख रुपये थे, लेकिन अब केवल एक लाख रुपये बचे हैं. यह रकम उन्हें जमीन के मुआवजे के रूप में मिली थी. एक अन्य किसान ने दावा किया है कि उनके बैंक अकाउंट में 94 लाख रुपए थे, लेकिन अब सिर्फ 16 हजार रुपए ही बचे हैं.
एक अन्य शिकायत में विनीत भाटी नाम के किसान ने आरोप लगाया कि 25 लाख रुपये उनके खाते में भेजने के बजाय किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए. उन्होंने पुलिस के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है.
किसान सबसे ज्यादा प्रभावित
यह मामला ग्रेटर नोएडा के ऐच्छर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा से जुड़ा है. कम से कम 16 खाताधारकों ने आरोप लगाया है कि उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट और बचत खातों से करीब 35 करोड़ रुपये की रकम कथित तौर पर निकाल ली गई या दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई. शिकायत करने वालों में ज्यादातर किसान शामिल हैं.
खाताधारकों के मुताबिक, किसी की जमा रकम लाखों में थी, तो किसी ने एक करोड़ रुपये से अधिक बैंक में रखे थे. कुछ ग्राहकों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी FD समय से पहले बंद कर दी गई और पासबुक में दर्ज जानकारी में भी गड़बड़ी मिली. हालांकि, पूरे मामले में कितनी रकम प्रभावित हुई है, इसकी अंतिम पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
पैसे वापस मिलने का इंतजार
मंगलवार से शाखा बंद रहने के कारण परेशान खाताधारक बैंक के बाहर जुटे और अपनी रकम लौटाने की मांग की. जिन लोगों की जमा पूंजी जमीन अधिग्रहण के मुआवजे से आई थी, उनके लिए यह मामला और गंभीर है. भारतीय किसान यूनियन ने भी निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है और आशंका जताई है कि कथित गड़बड़ी की रकम 130 से 150 करोड़ रुपये तक हो सकती है. हालांकि, इस बड़े आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल पुलिस बैंक रिकॉर्ड और शिकायतों की जांच कर रही है. यह स्पष्ट होना बाकी है कि रकम किस तरह ट्रांसफर हुई और कितने खाते प्रभावित हुए.
बैंक के पांच कर्मचारी निलंबित, FIR दर्ज
शिकायतें सामने आने के बाद PNB ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है. बैंक ने अपने स्तर पर भी जांच शुरू की है. पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी है. शिकायतों में कथित तौर पर विश्वासघात और बिना अनुमति पैसों के लेनदेन का आरोप लगाया गया है.
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