Russia Ukraine War: रूस के साथ बढ़ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रिश्ते को लेकर अमेरिकी राजदूत जूली डेविस अपने पद से इस्तीफा देने जा रही हैं. इससे पहले ब्रिजेट ब्रिंक ने भी इस्तीफा दे दिया था. एक साल के भीतर यूक्रेन में अमेरिकी राजदूतों ने इस्तीफा दिया है. उन्होंने ट्रंप की यूक्रेन नीति को लेकर इस्तीफा दिया था. साथ ही उन्होंने रूस के राष्ट्रपति को तानाशाह करार दिया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि ट्रंप रूस के राष्ट्रपति पुतिन का साथ दे रहे हैं. अब यूक्रेन में नियुक्त अमेरिकी राजदूत डेविस भी अपना इस्तीफा देने जा रही हैं.
इधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी थी कि डेविस अपना पद छोड़ सकती हैं. रिटायर हो सकती हैं. रॉयटर्स के मुताबिक फाइनेंशियल टाइम्स ने इस खबर को सबसे पहले जारी किया था.
इसके पीछे बताया गया था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों से उनके बीच मतभेद उभरे हैं. ट्रंप के यूक्रेन को लेकर कम होते समर्थन से डेविस निराश हैं. डेविस ने यह पद साल 2025 में संभाला था. उससे पहले ब्रिजिट ब्रिंक इस पद पर थीं. उन्होंने भी यूक्रेन नीतियों को लेकर ट्रंप पर आरोप लगाते हुए इस्तीफा दिया था. वह उस दौरान दोहरी भूमिका में थीं, इनमें साइप्रस और कीव में अमेरिकी राजदूत की जिम्मेदारी निभा रहीं थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को खत्म करने की कोशिश में लगे हैं. फिलहाल उन्हें सफलता नहीं मिली है. उन्होंने रूसी हमले का जिम्मेदार यूक्रेन को ही बताया है. खबर हैं, कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रिश्ते यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी तनावपूर्ण चल रहे हैं.
90 मिनट पर फोन हुई ट्रंप-पुतिन में बातचीत
इधर बुधवार को खबर आई थी कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 90 मिनट की बात हुई है . यह बातचीत फोन पर हुई है. क्रेमलिन ने इसे दोस्ताना और कारगर बताया है. इस दौरान दोनों राष्ट्रपतियों पर कई ग्लोबल मुद्दों पर चर्चा हुई. इनमें ईरान युद्ध, यूक्रेन विवाद और वॉशिंगटन हिल्टन होटल में हुई फायरिंग के मुद्दे शामिल रहे.
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