एविएशन सेक्टर को बड़ा बूस्ट, टैक्स कटौती से 1500 करोड़ का बंपर फायदा, सस्ते होंगे हवाई टिकट?

एविएशन सेक्टर को बड़ा बूस्ट, टैक्स कटौती से 1500 करोड़ का बंपर फायदा, सस्ते होंगे हवाई टिकट?


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  • कच्चे तेल की कीमतें या कमजोर रुपया जोखिम।

ATF Tax Update: भारतीय विमान क्षेत्र के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है. दिल्ली और महाराष्ट्र सरकारों के विमान ईंधन (ATF) पर टैक्स घटाकर 7% करने से भारतीय एयरलाइंस को बड़ी राहत मिली है. वित्तीय संस्था HSBC के अनुसार, इस फैसले से विमान कंपनियों को कुल मिलाकर ₹1,500 करोड़ तक की भारी बचत होगी. इसके साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने विमान ईंधन पर लगने वाले VAT को 18% से सीधे घटाकर 7% कर दिया है यह फैसला बहुत मायने रखता है क्योंकि दिल्ली, मुंबई और नागपुर जैसे हवाई अड्डे देश के कुल घरेलू हवाई यातायात (Domestic Air Traffic) का लगभग 37% हिस्सा संभालते हैं. 

एयरलाइंस को मिलेगा बड़ा फायदा

इस टैक्स कटौती का सबसे बड़ा फायदा देश की सबसे बड़ी एयरलाइन, इंडिगो (InterGlobe Aviation) को मिलने वाला है. HSBC के अनुमान के मुताबिक, इंडिगो अपने ईंधन बिल में ₹1,200 करोड़ से लेकर ₹1,500 करोड़ तक की सीधी बचत कर सकती है. इसी तरह, एयर इंडिया को भी लगभग ₹800 करोड़ से ₹1,000 करोड़ की बड़ी राहत मिलेगी. इसके अलावा, नए बेड़े वाली अकासा एयर को ₹200 करोड़ से ₹300 करोड़ और आर्थिक तंगी से जूझ रही स्पाइसजेट को ₹100 करोड़ से ₹200 करोड़ तक की बचत हो सकती है

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शेयर रेटिंग और मार्केट आउटलुक

HSBC ने इंडिगो के शेयरों पर अपनी ‘Buy’ (खरीदने) की रेटिंग को बरकरार रखा है और इसका टारगेट प्राइस ₹5,210 तय किया है, जो इसके मौजूदा भाव से करीब 21% की बढ़त दर्शाता है. दूसरी तरफ, स्पाइसजेट की आंतरिक वित्तीय स्थिति को देखते हुए उस पर ‘Reduce’ (कम करने या बेचने) की रेटिंग दी गई है और उसका टारगेट प्राइस ₹5.30 रखा गया है.बाजार के विश्लेषक अब इंडिगो के आने वाले चौथी तिमाही के नतीजों और जून में होने वाले ‘एनालिस्ट डे’ का इंतजार कर रहे हैं, जहां कंपनी अपनी भविष्य की योजनाओं का खुलासा करेगी

इसकी खुशखबरी के बीच HSBC ने चेतावनी दी है कि भले ही सरकारों ने टैक्स कम कर दिया है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं या डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो यह राहत कम पड़ सकती है. उदाहरण के लिए, यदि जेट ईंधन की कीमतों में वैश्विक स्तर पर केवल 5% की भी बढ़ोतरी होती है, तो इंडिगो का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) 11.1% तक गिर सकता है. इसी तरह, डॉलर के मुकाबले रुपये में महज 1 रुपये की गिरावट भी इंडिगो को करीब ₹450 करोड़ का झटका दे सकती है. 

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