देश में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है. Sajid Rashidi ने गाय को “नेशनल एनिमल” का दर्जा देने की मांग की है. इससे पहले अरसद मदनी भी गाय संरक्षण को लेकर बयान दे चुके हैं. रशीदी के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है.
धार्मिक और सामाजिक महत्व का दिया हवाला
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि भारत में गाय केवल एक जानवर नहीं बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों लोग गाय को पूजनीय मानते हैं, इसलिए उसे विशेष संरक्षण मिलना चाहिए. रशीदी ने यह भी कहा कि यदि सरकार गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करती है तो इससे सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान का संदेश जाएगा.
पहले भी उठती रही है मांग
मौलाना साजिद रशीदी ने की गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग pic.twitter.com/UWnGIkpbnx
— Naveen Rai (@NaveenRai385610) May 21, 2026
देश में समय-समय पर कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठती रही है. हिंदू संगठनों के साथ कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी गाय संरक्षण के समर्थन में बयान दिए हैं. मौलाना अरशद मदनी ने भी पहले कहा था कि इस्लाम में भी बेवजह किसी जीव को नुकसान पहुंचाने की इजाजत नहीं है और समाज में शांति बनाए रखना जरूरी है.
राजनीतिक प्रतिक्रिया की संभावना
मौलाना साजिद रशीदी के बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है. कुछ लोग इसे सामाजिक सद्भाव का संदेश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक मुद्दा मान रहे हैं. हालांकि केंद्र सरकार की ओर से इस मांग पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.






