क्यों देवी गंगा ने अपने सभी पुत्रों को नदी में प्रवाहित किया और कैसे जन्मे भीष्म पितामह

क्यों देवी गंगा ने अपने सभी पुत्रों को नदी में प्रवाहित किया और कैसे जन्मे भीष्म पितामह


हस्तिनापुर के राजा शांतनु एक दिन गंगा नदी के तट पर घूम रहे थे. तभी उन्होंने एक अद्भुत रूपवती स्त्री को देखा, जो स्वयं माँ गंगा थीं. उनके दिव्य सौंदर्य को देखकर राजा मोहित हो गए और विवाह का प्रस्ताव रखा. गंगा ने एक शर्त रखी कि राजा कभी भी उनके किसी कार्य में हस्तक्षेप नहीं करेंगे. राजा ने यह वचन स्वीकार कर लिया.

विवाह के बाद गंगा को एक-एक करके सात पुत्र हुए, लेकिन हर पुत्र के जन्म के बाद वह उसे गंगा नदी में प्रवाहित कर देती थीं. राजा शांतनु अपने वचन के कारण मौन रहे, पर उनके मन में गहरा दुःख था. पूरे राज्य में यह रहस्य चर्चा का विषय बन गया कि आखिर रानी ऐसा क्यों कर रही हैं.

विवाह के बाद गंगा को एक-एक करके सात पुत्र हुए, लेकिन हर पुत्र के जन्म के बाद वह उसे गंगा नदी में प्रवाहित कर देती थीं. राजा शांतनु अपने वचन के कारण मौन रहे, पर उनके मन में गहरा दुःख था. पूरे राज्य में यह रहस्य चर्चा का विषय बन गया कि आखिर रानी ऐसा क्यों कर रही हैं.

Published at : 24 May 2026 06:00 AM (IST)

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