कहां-कहां पहुंची जांच की आंच? NEET पेपर लीक केस की पूरी टाइमलाइन

कहां-कहां पहुंची जांच की आंच? NEET पेपर लीक केस की पूरी टाइमलाइन


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  • नीट-यूजी परीक्षा पेपर लीक, पुणे की शिक्षिका गिरफ्तार.
  • पेपर लीक का नेटवर्क कई शहरों में फैला, 11 गिरफ्तार.
  • 23 लाख छात्रों की मेहनत पर सवाल, परीक्षा रद्द की गई.
  • एनटीए ने री-एग्जाम के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया.

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-UG 2026 इस बार विवादों में घिर गई है. परीक्षा खत्म होने के कुछ दिनों बाद पेपर लीक की खबर सामने आई, जिसके बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया.लाखों छात्रों और उनके परिवारों ने परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और अब तक कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

पुणे की फिजिक्स टीचर पर बड़ा एक्शन
इस मामले में सबसे ज्यादा चर्चा महाराष्ट्र के पुणे की सीनियर फिजिक्स टीचर मनीषा संजय हवलदार की गिरफ्तारी को लेकर हो रही है. बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से एक निजी स्कूल में पढ़ा रही थीं और जल्द ही रिटायर होने वाली थीं. जांच एजेंसियों के मुताबिक उन्हें परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर शामिल किया गया था.आरोप है कि परीक्षा से पहले कुछ सवाल दूसरे लोगों तक पहुंचाए गए थे.पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया और इसके तुरंत बाद स्कूल प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड कर दिया. स्कूल ने इस पूरे मामले को शिक्षा व्यवस्था के भरोसे के खिलाफ बताया है और अपनी तरफ से भी जांच शुरू कर दी है.

कई शहरों तक फैला नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार पेपर लीक का मामला सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है. दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, पुणे, नासिक, लातूर और अहिल्यानगर जैसे शहरों से आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.अब तक कुल 11 लोगों को पकड़ा जा चुका है.जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर पेपर लीक का पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे. अधिकारियों ने कई आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस भी जब्त किए हैं.

23 लाख छात्रों पर पड़ा असर

नीट-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी.देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर यह परीक्षा कराई गई थी.करीब 23 लाख छात्रों ने इसमें हिस्सा लिया था. लेकिन पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों की मेहनत और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई.जैसे ही परीक्षा में गड़बड़ी की शिकायत मिली, मामला केंद्रीय एजेंसियों तक पहुंचाया गया. जांच के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया.इसके बाद दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की गई.

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NTA ने किए कई बड़े ऐलान

विवाद बढ़ने के बाद NTA ने छात्रों के लिए कई राहत भरे फैसले लिए हैं. एजेंसी ने साफ किया है कि री-एग्जाम के लिए छात्रों को दोबारा आवेदन नहीं करना होगा.साथ ही किसी भी छात्र से अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी.NTA ने फीस रिफंड की सुविधा भी शुरू की है. इसके लिए एक विशेष पोर्टल बनाया गया है, जहां छात्र अपने बैंक खाते की जानकारी अपडेट कर सकते हैं.साथ ही नए एडमिट कार्ड भी जल्द जारी किए जाएंगे.

छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी

पेपर लीक मामले के बाद छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है.कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने पूरे साल मेहनत की थी, लेकिन इस विवाद की वजह से उनका मानसिक तनाव बढ़ गया है. सोशल मीडिया पर भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.फिलहाल जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.

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