अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी-अभी ट्रुथ सोशल पर एक बड़ा बयान दिया है. इसमें उन्होंने ओबामा के दौर की कड़ी आलोचना की है. राष्ट्रपति ट्रंप ने ओबामा के 2015 के परमाणु समझौते को पूरी तरह से नकारते हुए उसे अब तक के सबसे बुरे समझौतों में से एक बताया है. राष्ट्रपति ने खुलासा किया कि उन्होंने आधिकारिक तौर पर अमेरिकी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी जल्दबाजी वाली समय-सीमा से पीछे हट जाएं. उन्होंने घोषणा की कि समय हमारे पक्ष में है और बातचीत आखिरकार पेशेवर और सार्थक तरीके से आगे बढ़ रही है.
राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से पुष्टि की कि अमेरिका की जबरदस्त नौसैनिक घेराबंदी तब तक पूरी ताकत और असर के साथ जारी रहेगी. जब तक कि कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता, उसे प्रमाणित नहीं कर लिया जाता और उस पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते. विश्व मंच पर बेहतरीन सौदेबाजी का एक शानदार प्रदर्शन, जहां पूर्ण शक्ति के माध्यम से शांति हासिल की जाएगी.
ईरान और कई सहयोगी देशों के साथ समझौते की बातचीत हो चुकी है: ट्रंप
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि ईरान और कई सहयोगी देशों के साथ एक समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो गई है. इससे 84 दिन से चल रहे युद्ध को खत्म करने के संकेत मिले हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन बहरीन के नेताओं के साथ बातचीत हो चुकी है.
ट्रंप ने कहा था कि यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और लिस्ट में दिए गए दूसरे देशों के बीच फाइनल होने पर निर्भर है. अलग से मेरी इजरायल के प्राइम मिनिस्टर बीबी नेतन्याहू से भी बात हुई, जो भी बहुत अच्छी रही.
ईरान के साथ शांति समझौता लगभग तय हो चुका है: ट्रंप
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया है कि ईरान के साथ शांति समझौता लगभग तय हो चुका है. सिर्फ अंतिम औपचारिकताओं पर बातचीत चल रही है. इससे युद्ध खत्म होने का रास्ता बन सकता है. ट्रंप ने यह भी कहा कि समझौते के तहत होर्मुज को फिर से खोला जाएगा.
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