अफ्रीका में तेजी से फैल रहा इबोला वायरस, जानिए क्या हैं इससे बचाव के उपाय?

अफ्रीका में तेजी से फैल रहा इबोला वायरस, जानिए क्या हैं इससे बचाव के उपाय?


Why Ebola Virus Is Spreading Rapidly In Africa: अफ्रीका के कई हिस्सों में इबोला वायरस एक बार फिर तेजी से फैल रहा है और इसे लेकर दुनियाभर की स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है. खासतौर पर कांगो और युगांडा में सामने आए मामलों ने हेल्थ एक्सपर्ट्स को अलर्ट कर दिया है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन और इम्पीरियल कॉलेज लंदन के रिसर्चर्स की एक नई एनालिसिस में दावा किया गया है कि कांगो में इबोला इंफेक्शन के वास्तविक मामले आधिकारिक आंकड़ों से कहीं ज्यादा हो सकते हैं. 

रिपोर्ट के मुताबिक, मई के मध्य तक इबोला के 400 से 800 मामले सामने आ चुके हो सकते हैं, जबकि कुछ एक्सपर्ट्स ने यह संख्या 1000 से ज्यादा होने की आशंका भी जताई है। सबसे ज्यादा मामले कांगो के इटुरी प्रांत में मिले हैं, जहां अप्रैल के आखिर से लगातार संक्रमण फैल रहा है. 

कैसे फैलता है इसका खतरा?

सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, इबोला एक बेहद खतरनाक वायरल बीमारी है, जो इंफेक्टेड व्यक्ति के खून, पसीने, उल्टी, लार या दूसरे बॉडी फ्लूइड्स के संपर्क में आने से फैलती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह वायरस हवा या पानी से नहीं फैलता, लेकिन इंफेक्टेड व्यक्ति के बहुत करीब आने पर खतरा बढ़ जाता है. खासकर डॉक्टर, नर्स और मरीज की देखभाल करने वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं.

क्या होते हैं इसके शुरुआती लक्षण?

इबोला के शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य वायरल बुखार जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए शुरुआत में इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है. इंफेक्टेड व्यक्ति को तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, कमजोरी और गले में दर्द महसूस हो सकता है. बीमारी बढ़ने पर उल्टी, दस्त, स्किन रैश और कई मामलों में अंदरूनी या बाहरी ब्लीडिंग भी शुरू हो सकती है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंफेक्शन के बाद लक्षण दिखने में 2 से 21 दिन तक लग सकते हैं. हालांकि, औसतन 8 से 10 दिन के भीतर मरीज में बीमारी के संकेत दिखने लगते हैं. राहत की बात यह है कि लक्षण शुरू होने से पहले इंफेक्टेड व्यक्ति वायरस नहीं फैलाता.

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कैसे कर सकते हैं इससे बचाव?

अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर्स के मुताबिक, इबोला से बचाव के लिए सावधानी सबसे जरूरी हथियार है. इंफेक्टेड मरीज के संपर्क में आने से बचें, हाथों को बार-बार साबुन से धोएं और किसी भी बीमार व्यक्ति के खून या बॉडी फ्लूइड्स को छूने से बचें. अगर कोई व्यक्ति हाल ही में इबोला प्रभावित इलाके से लौटा हो और उसे तेज बुखार या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत मेडिकल जांच करवानी चाहिए. हेल्थ एजेंसियां यह भी मानती हैं कि वैक्सीनेशन और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग इबोला को रोकने में सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रहे हैं.  वहीं, हेल्थ वर्कर्स के लिए पीपीई किट, मास्क, ग्लव्स और सख्त संक्रमण नियंत्रण उपायों को बेहद जरूरी बताया गया है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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