लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार (27 मई, 2026) को सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के नतीजों में कथित बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ के आरोपों की न्यायिक जांच और एसआईटी जांच की मांग की. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इस मुद्दे पर अभी तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई बयान क्यों नहीं दिया है?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट शेयर कर बोर्ड की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में हैदराबाद स्थित एक कंपनी को चुनने को लेकर सरकार पर हमला बोला. उनके इस कदम से ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि CBSE ने कंपनी की बैकग्राउंड चेक नहीं की, नियमों को दरकिनार कर उसे ठेका दिया और कंपनी मैनेजमेंट और मोदी सरकार के बीच सांठगांठ होने का भी आरोप लगाया. हालांकि, CBSE ने नेता विपक्ष की तरफ से लगाए गए आरोपों को तुरंत खारिज कर दिया.
राहुल गांधी के आरोपों पर CBSE ने दी प्रतिक्रिया
सीबीएसई ने इस संबंध में बुधवार (27 मई, 2026) को एक बयान जारी कर कहा, ‘हैदराबाद की कंपनी कोएम्प्ट एडु टेक (Coempt Edu Teck) को ठेका दिए जाने से जुड़े सभी आरोपों को CBSE खारिज करता है. ये आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.’
CBSE rejects the allegations regarding the award of contract to Coempt Edutech. It is erroneous, misleading and not based on facts.
CBSE has followed the General Financial Rules protocols scrupulously in the awarding of the contract to the agency. CBSE floated the RFP for…
— CBSE HQ (@cbseindia29) May 27, 2026
बोर्ड ने कहा, ‘एजेंसी को ठेका देने की पूरी प्रक्रिया में सीबीएसई ने जनरल फाइनेंसियल रूल्स (General Financial Rules) का पूरी तरह पालन किया है. सीबीएसई ने साल 2026 की बोर्ड परीक्षाओं की डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त, 2025 को सेंट्रल पब्लिक प्रोक्योरमेंट पोर्टल पर रिक्वेस्ट फॉर प्रोपोजल (Request for Proposal/RFP) जारी किया था और योग्य बोलीदाता को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया.’ CBSE ने यह बयान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के X प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए वीडियो पोस्ट के जवाब में जारी किया.
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राहुल गांधी ने वीडियो पोस्ट में क्या-क्या लगाए आरोप?
लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, ‘CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई, जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं. और मोदी जी? हमेशा की तरह – न जवाब, न जिम्मेदारी, न शर्म. जिस कंपनी COEMPT को यह जिम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है. नाम बदला – पर नीयत वही, फितरत वही. इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया. ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फर्क नहीं पड़ा. यह गलती नहीं – यह सोचा-समझा षड़यंत्र है.’
इसके साथ ही, उन्होंने पोस्ट में कुछ सवाल भी उठाए. जिसमें उन्होंने पूछा-
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? बैकग्राउंड चेक्स क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
घोटाले की हो स्वतंत्र न्यायिक जांचः राहुल गांधी
उन्होंने कहा, ‘हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए. सीबीएसई के Gen Z साथियों – आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा. हम इस साजिश की तह तक जाएंगे और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे.’
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