सिद्धारमैया ने कर्नाटक की बागडोर डीके शिवकुमार को सौंप दी है, लेकिन कांग्रेस ने शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीतिक भूमिका अभी समाप्त नहीं हुई है. कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शिवकुमार को नेता चुने जाने के तुरंत बाद पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने घोषणा की कि कांग्रेस सिद्धारमैया को आराम नहीं करने देगी और उनसे कर्नाटक और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहने की अपील की.
क्या बोले केसी वेणुगोपाल?
वेणुगोपाल ने कर्नाटक में लंबे समय से चल रहे नेतृत्व संघर्ष को लेकर कांग्रेस पर बीजेपी के हमलों का जिक्र कर कहा, “मैं गर्व से कह सकता हूं कि सिद्धारमैया जी के सच्चे कांग्रेसी हृदय ने सभी का दिल जीत लिया है और बीजेपी को मुंहतोड़ जवाब दिया है, जिसने सोचा था कि यह परिवर्तन आसान नहीं होगा.”
सिद्धारमैया को मिला था राज्यसभा सीट का ऑफर
सिद्धारमैया को सीधे संबोधित करते हुए वेणुगोपाल ने कहा, “हम आपको आराम नहीं करने देंगे. कर्नाटक में और राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस के लिए आपकी सेवा आवश्यक है.” नेतृत्व परिवर्तन पर चर्चा के दौरान कांग्रेस आलाकमान ने कथित तौर पर सिद्धारमैया को राज्यसभा की सीट और दिल्ली में एक बड़ी राष्ट्रीय भूमिका की पेशकश की थी, जिसमें उन्हें 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में पेश किया गया था. हालांकि 78 वर्षीय नेता ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया और कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहना पसंद किया.
सीएलपी की बैठक में सिद्धारमैया ने खुद शिवकुमार का नाम सीएम पद के लिए प्रस्तावित किया, जबकि वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया. इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से शिवकुमार को सीएलपी नेता के रूप में पेश किया. सिद्धारमैया ने बाद में शिवकुमार को बधाई देते हुए एक भावुक संदेश साझा किया. उन्होंने संविधान और देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा के लिए दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान किया.
ये भी पढ़ें






