West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी पर दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर दौरे के दौरान कथित हमला होने का मामला सामने आया. घटना के बाद टीएमसी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जबकि विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है.
अभिषेक बनर्जी सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे. इसी दौरान उनके काफिले और कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके गए. टीएमसी ने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी समर्थकों द्वारा किया गया.
‘मुझे मारने की कोशिश की गई’
घटना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि उन पर जानलेवा हमला किया गया. उन्होंने कहा, ‘वे मुझे मारना चाहते थे. पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है. हम इस मामले की जानकारी हाईकोर्ट और राज्यपाल को देंगे. मैं अदालत जाऊंगा और जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ूंगा.’
उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना बीजेपी प्रायोजित थी और सुरक्षा व्यवस्था में जानबूझकर चूक की गई. अभिषेक ने कहा, ‘यह बीजेपी की लोकतंत्र की परिभाषा है. अभी चुनाव परिणाम आए एक महीना भी नहीं हुआ है और पुलिस कहीं नजर नहीं आ रही है.’
सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी दी थी, लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंचा. उन्होंने कहा, ‘अगर सुरक्षा अधिकारी लगातार सूचना दे रहे थे और फिर भी पुलिस नहीं पहुंची, तो साफ है कि उच्च अधिकारी इस घटना को होने देना चाहते थे. हमारे पास सारे सबूत मौजूद हैं और हम अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे.’
‘ईंट लगने से आंख में चोट आई’
टीएमसी सांसद ने दावा किया कि हमलावरों ने उन पर ईंट, पत्थर और अंडे फेंके, जिससे उन्हें चोट भी लगी. उन्होंने कहा, ‘मेरी आंख पर ईंट लगी है और मैं आंख नहीं खोल पा रहा हूं. मैंने हेलमेट पहन रखा था, नहीं तो सिर दो हिस्सों में बंट जाता. आप मेरे शरीर को गिरा सकते हैं, लेकिन मेरे हौसले को नहीं तोड़ सकते.’
टीएमसी ने बीजेपी पर लगाया हमला कराने का आरोप
टीएमसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी पर बीजेपी समर्थकों ने हमला किया. पार्टी ने कहा कि यह घटना पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को दर्शाती है और बीजेपी हिंसा की राजनीति को बढ़ावा दे रही है.
ममता बनर्जी का बीजेपी पर हमला
टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘शासक हत्यारे बन गए हैं, बीजेपी को शर्म आनी चाहिए.’
डेरेक ओ’ब्रायन ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय पर सवाल उठाते हुए पूछा कि मतगणना वाले दिन अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा क्यों हटाई गई. उन्होंने कहा कि विपक्ष की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के संसदीय नेता पर हमला होना बेहद गंभीर मामला है.
डॉक्टरों की निगरानी में अभिषेक बनर्जी
टीएमसी प्रवक्ता सुदीप राहा ने बताया कि अभिषेक बनर्जी डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने कहा, ‘यह लोकतंत्र के लिए काला दिन है. अगर एक सांसद सुरक्षित नहीं है, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?’
मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई चिंता
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद कभी भी हिंसा का कारण नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि एक प्रमुख विपक्षी नेता को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है.
राहुल गांधी ने कहा- लोकतंत्र पर हमला
राहुल गांधी ने कहा कि सांसद पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और जनता के जनादेश पर हमला है. उन्होंने इसे बीजेपी की प्रतिशोध की राजनीति का उदाहरण बताया.
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अखिलेश यादव ने जताई साजिश की आशंका
अखिलेश यादव ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुआ हमला निंदनीय है और पुलिस व्यवस्था में कमी किसी साजिश की ओर इशारा करती है.
आदित्य ठाकरे ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
आदित्य ठाकरे ने कहा कि यदि सांसदों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है, तो यह लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है.
बीजेपी ने भी घटना की निंदा की
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए कि जनता उनके खिलाफ इतनी नाराज क्यों है. केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने घटना की निंदा करते हुए लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर भरोसा रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि बंगाल की राजनीति को हिंसा मुक्त बनाना जरूरी है.






