Patanjali Revenue: पतंजलि फूड्स ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. कंपनी का सालाना परिचालन राजस्व पहली बार 40,000 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है. मजबूत बिक्री, खासकर खाद्य तेल और एफएमसीजी कारोबार में बढ़ोतरी के दम पर कंपनी ने यह उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.75 रुपये प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है. इसके साथ पूरे साल का कुल डिविडेंड 3.50 रुपये प्रति शेयर हो गया है.
17% से ज्यादा बढ़ा राजस्व
मार्च 2026 तिमाही में पतंजलि फूड्स का परिचालन राजस्व 11,155.60 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 17.28 फीसदी ज्यादा है. तिमाही के दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 524.02 करोड़ रुपये रहा. यह सालाना आधार पर 46.16 फीसदी की मजबूत बढ़ोतरी को दर्शाता है. वहीं EBITDA 501.96 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में मांग मजबूत रहने से कारोबार को फायदा मिला है.
40,169 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में पतंजलि फूड्स का कुल परिचालन राजस्व 40,169.58 करोड़ रुपये रहा. यह कंपनी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा सालाना राजस्व है. वहीं पूरे साल का EBITDA 1,931.52 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. कंपनी के कुल राजस्व में FMCG कारोबार का योगदान 27.60 फीसदी और EBITDA में 61.13 फीसदी रहा. इससे साफ है कि खाद्य उत्पादों और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग कंपनी के लिए बड़ा सहारा बन रही है.
खाद्य तेल कारोबार बना सहारा
पतंजलि फूड्स के लिए खाद्य तेल कारोबार सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन साबित हुआ. मार्च तिमाही में इस कारोबार से 8,324.11 करोड़ रुपये का राजस्व आया, जो सालाना आधार पर 23.28 फीसदी ज्यादा है. पूरे वित्त वर्ष में खाद्य तेल कारोबार का राजस्व 29,313.54 करोड़ रुपये रहा. कंपनी के मुताबिक बिक्री की मात्रा बढ़ने से इस सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन देखने को मिला. ब्रांडेड खाद्य तेलों का योगदान कुल बिक्री में करीब 75 फीसदी रहा.
FMCG कारोबार ने भी दिखाई ताकत
मार्च तिमाही में FMCG कारोबार से कंपनी को 2,890.46 करोड़ रुपये का राजस्व मिला. वहीं पूरे साल में यह आंकड़ा 11,188.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. होम एंड पर्सनल केयर श्रेणी में 35.42 फीसदी की शानदार वृद्धि दर्ज की गई. स्किन केयर सेगमेंट में तो 57.66 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली. कंपनी का लोकप्रिय दूध बिस्कुट ब्रांड भी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है. इसकी सालाना बिक्री 1,300 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुकी है.
ऑयल पाम प्रोजेक्ट में भी तेजी
पतंजलि फूड्स ऑयल पाम खेती पर भी तेजी से काम कर रही है. मार्च 2026 तक कंपनी का ऑयल पाम खेती क्षेत्र बढ़कर 1,10,722 हेक्टेयर हो गया है. यह पिछले साल की तुलना में 23.65 फीसदी अधिक है. कंपनी 12 राज्यों में इस परियोजना का विस्तार कर रही है और भविष्य में घरेलू खाद्य तेल उत्पादन बढ़ाने पर फोकस कर रही है.
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प्रबंधन ने क्या कहा?
कंपनी के CEO संजीव अस्थाना ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अच्छी फसल और सरकारी योजनाओं के कारण मांग मजबूत बनी रही. वहीं शहरी बाजारों में प्रीमियम उत्पादों की मांग बढ़ी है. उन्होंने कहा कि खाद्य तेल कारोबार में मजबूत प्रदर्शन कंपनी की रणनीति और बेहतर क्रियान्वयन का नतीजा है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का सालाना राजस्व, मजबूत मुनाफा, बढ़ता FMCG कारोबार और डिविडेंड की घोषणा यह संकेत देती है कि पतंजलि फूड्स अपने कारोबार का दायरा लगातार बढ़ा रही है. आने वाले समय में कंपनी की नजर खाद्य तेल, FMCG और हेल्थ प्रोडक्ट्स सेगमेंट में विस्तार पर रहेगी.






