वॉटर मेट्रो की सुविधा जल्द, ग्लोबल मैरिटाइम पावर बनने की राह पर भारत, 2047 तक क्या लक्ष्य?

वॉटर मेट्रो की सुविधा जल्द, ग्लोबल मैरिटाइम पावर बनने की राह पर भारत, 2047 तक क्या लक्ष्य?


India at 2047: केंद्रीय पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री Sarbananda Sonowal ने कहा है कि गंगा समेत देश के जलमार्ग भारत की नई आर्थिक ताकत बनकर उभर रहे हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि “भारत का भविष्य जलमार्गों में छिपा है” और सरकार 2047 तक देश को दुनिया की टॉप-5 शिपबिल्डिंग शक्तियों में शामिल करने के लक्ष्य पर काम कर रही है.

सोनोवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पोर्ट, शिपिंग और इनलैंड वॉटरवेज सेक्टर में बड़े पैमाने पर बदलाव किए गए हैं. उन्होंने कहा कि 2014 तक देश में केवल 5 राष्ट्रीय जलमार्ग थे, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 111 हो चुकी है. खासतौर पर गंगा नदी पर 60 आधुनिक जेटी विकसित की गई हैं, जिससे कार्गो मूवमेंट, पर्यटन और रिवर क्रूज सेक्टर को नई गति मिली है.

ग्लोबल रिवर क्रूज टूरिज्म को लेकर  क्या बोले ? 

उन्होंने कहा कि भारत अब ग्लोबल रिवर क्रूज टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखता. गंगा के जरिए जल परिवहन को बढ़ावा देने से लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी, पर्यावरण पर दबाव कम होगा और व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी. सरकार वॉटर मेट्रो और इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट को भविष्य की परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित कर रही है.

उत्तराखंड ये से लेकर बंगाल तक गंगा के क्षेत्र में बीजेपी सरकार का कब्जा है, ऐसे में 2027 के चुनाव और बंगाल में बेहतर सुविधा के लिए ये कदम लोगों की सुविधा के लिए है.

भारत में रिवर क्रूज टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं और गंगा इसके केंद्र में है. सरकार वॉटर मेट्रो और इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट को भविष्य की आधुनिक परिवहन व्यवस्था के रूप में विकसित कर रही है. वैसे भी उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक गंगा के पूरे क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर और जल परिवहन सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे न केवल लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ होगा.

मैरिटाइम इकोसिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा

मंत्री ने कहा कि भारत सिर्फ बंदरगाहों का विस्तार नहीं कर रहा, बल्कि पूरे मैरिटाइम इकोसिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है. आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और ओडिशा में बड़े शिपबिल्डिंग क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं. उनका कहना है कि विश्वस्तरीय जहाज निर्माण के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित वर्कफोर्स और नई तकनीक पर फोकस किया जा रहा है.

सोनोवाल ने बताया कि देश की कार्गो हैंडलिंग क्षमता 550 मिलियन टन से बढ़कर 915 मिलियन टन तक पहुंच गई है. वहीं क्रूज और पैसेंजर मूवमेंट में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि पोर्ट, शिपिंग और जलमार्ग क्षेत्र आने वाले वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार का बड़ा आधार बनने जा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” का सपना केवल सड़क और रेल नेटवर्क से पूरा नहीं होगा, बल्कि गंगा और अन्य जलमार्ग भारत की आर्थिक रीढ़ बनने वाले हैं.



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