CA Abhishek Vaishya Success Story : अक्सर कहा जाता है कि अगर इंसान के इरादे मजबूत हों तो गरीबी, मुश्किल हालात और कई तरह की कमियां भी उसके सपनों और कामयाबी के रास्ते में नहीं आ सकती है. मुंबई की तंग गलियों में पले-बढ़े अभिषेक वैश्य की कहानी इसी बात को साबित करके दिखाया है. कभी पिता के साथ सुबह-सुबह सब्जियां बेचकर परिवार का हाथ बंटाने वाला यह लड़का आज विदेशों में सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के रूप में पहचान बना चुका है. एक समय ऐसा था जब परिवार एक छोटे से कमरे में गुजारा करता था और घर का खर्च चलाना भी आसान नहीं था, लेकिन अभिषेक ने मुश्किल परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. उन्होंने लगातार मेहनत की, पढ़ाई जारी रखी और आखिरकार ऐसा मुकाम हासिल किया कि अपने माता-पिता को करोड़ों रुपये का घर गिफ्ट कर दिया. उनकी कहानी आज लाखों युवाओं को प्रेरित कर रही है.
13 साल की उम्र में संभाल ली जिम्मेदारी
अभिषेक वैश्य को बहुत कम उम्र में ही परिवार की आर्थिक परेशानियों का एहसास हो गया था. जब दूसरे बच्चे अपनी पढ़ाई और खेलकूद में बिजी रहते थे, तब अभिषेक सुबह 3 बजे उठकर अपने पिता के साथ सब्जी मंडी पहुंच जाते थे. उनके पिता सड़क किनारे सब्जियां बेचते थे और घर का खर्च उसी कमाई से चलता था. ऐसे में अभिषेक ने भी पिता की मदद करने का फैसला किया. रोज सुबह कई घंटे काम करने के बाद वह सीधे स्कूल जाते और फिर रात को पढ़ाई करते थे.
छोटे घर में रहते थे पांच लोग
मुंबई के विक्रोली इलाके में रहने वाले अभिषेक का परिवार एक बेहद छोटे घर में रहता था. लगभग 150 वर्ग फुट के कमरे में पांच लोगों का परिवार किसी तरह गुजारा करता था. घर छोटा जरूर था, लेकिन अभिषेक के सपने बहुत बड़े थे. आर्थिक तंगी के बाद भी उन्होंने पढ़ाई की कभी पीछे नहीं छोड़ा. स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद अभिषेक को समझ नहीं आ रहा था कि आगे क्या करना है. इसी दौरान उनके दोस्त रोहित ने उन्हें चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) के बारे में बताया. शुरुआत में अभिषेक को इस कोर्स के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. उन्हें सिर्फ इतना पता था कि यह देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक है, लेकिन दोस्त की सलाह पर उन्होंने सीए की तैयारी शुरू कर दी और यही फैसला उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ.
ऐसे करी अभिषेक ने पढ़ाई
सीए की पढ़ाई आसान नहीं होती है. इसके लिए लंबे समय तक लगातार मेहनत करनी पड़ती है. अभिषेक ने भी यही किया, वह सुबह सब्जी बेचने का काम करते थे और रात में पढ़ाई करते थे. परीक्षा के समय तो वह रोजाना 16 से 18 घंटे तक पढ़ाई करते थे.
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अब मां बाप को गिफ्ट दिया एक करोड़ का घर
सीए बनने के बाद अभिषेक की जिंदगी पूरी तरह बदल गई, लेकिन उनके लिए सबसे खास पल वह था जब उन्होंने अपने पिता से कहा कि अब उन्हें काम करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने अपने पिता से कहा, अब आप आराम कीजिए, परिवार की जिम्मेदारी मैं संभालूंगा. बेटे के मुंह से यह बात सुनकर पिता इमोशनल हो गए. अभिषेक ने सफलता मिलने के बाद सबसे पहले अपने माता-पिता के लिए नया घर खरीदा. महज 21 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार को लगभग एक करोड़ रुपये कीमत वाला 2BHK फ्लैट गिफ्ट किया. यह घर एक मॉर्डन टाउनशिप में स्थित है, जहां हर तरह की सुविधाएं उपलब्ध हैं.
कितनी है अभिषेक की सैलरी?
एक समय ऐसा था जब सब्जियां बेचने के बाद परिवार को रोजाना 200 से 400 रुपये तक ही मिल पाते थे. कई दिनों में कमाई इससे भी कम होती थी. लेकिन आज सीए बनने के बाद अभिषेक को ओमान में नौकरी मिली, जहां उनकी शुरुआती सैलरी करीब 1.5 लाख रुपये प्रति माह थी. कुछ सालों बाद उनकी मासिक आय 2.5 लाख रुपये तक पहुंच गई. नौकरी में सफलता हासिल करने के बाद अभिषेक ने अपना खुद का काम शुरू करने का फैसला किया. आज वह ओमान और यूएई में अपनी सीए प्रैक्टिस और कंसल्टेंसी फर्म चला रहे हैं. वह बड़ी कंपनियों को फाइनेंशियल एडवाइजरी, टैक्स प्लानिंग, बिजनेस कंसल्टिंग और रिस्ट्रक्चरिंग जैसी सेवाएं देते हैं.
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