पुराना फोन बेचना चाहते हैं भारतीय! लेकिन 70% लोग इस एक डर की वजह से रुक जाते हैं, जानें पूरी जा

पुराना फोन बेचना चाहते हैं भारतीय! लेकिन 70% लोग इस एक डर की वजह से रुक जाते हैं, जानें पूरी जा


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  • पुराने फोन बेचना टालते हैं डेटा चोरी के डर से।
  • सर्वे में 45% लोगों की डेटा सुरक्षा प्राथमिकता बनी।
  • विश्वसनीय डेटा डिलीशन और प्रमाण पत्र ग्राहकों की मांग।

Old Smartphone: आज के समय में लगभग हर व्यक्ति के घर में कोई न कोई पुराना स्मार्टफोन जरूर पड़ा होता है. कई लोग नया फोन खरीदने के बाद पुराने डिवाइस को घर में यूहीं फेंक देते हैं. हालांकि कुछ लोग पुराने फोन को बेचकर उससे कुछ पैसे बना लेते हैं. लेकिन आज भी ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो अभी भी अपना पुराना स्मार्टफोन बेचना नहीं चाहते हैं. इसके पीछे का कारण कम पैसा नहीं बल्कि फोन में मौजूद डेटा है. कई लोगों को लगता है कि पुराने फोन से उनका डेटा चोरी हो सकता है.

डेटा प्राइवेसी है बड़ी वजह

कैशिफाई द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, करीब 70 प्रतिशत भारतीय अपने पुराने स्मार्टफोन को बेचने से इसलिए हिचकते हैं क्योंकि उन्हें अपने निजी डेटा के गलत इस्तेमा का डर होता है. 8,000 लोगों पर किए गए इस सर्वे में लगभग 75 प्रतिशत प्रतिभागियों का मानना है कि पुराने फोन का डेटा किसी भी गलत हाथों में जा सकता है या फिर उसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. बता दें कि आज कल लोग अपने स्मार्टफोन में बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड, फोटो, वीडियो, चैट से लेकर कई संवेदनशील जानकारियां भी स्टोर करते रखते हैं. ऐसे में लोगों की यह चिंता स्वाभाविक मानी जा रही है.

कीमत से ज्यादा जरूरी हो गई डेटा सुरक्षा

सर्वे में यह भी सामने आया कि जब लोग किसी प्लेटफॉर्म पर अपना पुराना फोन बेचने का फैसला करते हैं तो उनकी प्राथमिकता बदल चुकी है. लगभग 45 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे सबसे पहले डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी को महत्व देते हैं जबकि केवल 29.5 प्रतिशत लोगों के लिए सबसे ज्यादा कीमत मिलना है जरूरी होता है. इससे यह साफ पता चलता है कि अब लोगों को अपनी प्राइवेसी और डेटा की चिंता ज्यादा है.

भरोसेमंद डेटा डिलीशन सिस्टम

सर्वे से पता चला कि ग्राहक सिर्फ चिंता नहीं जता रहे बल्कि समाधान भी चाहते हैं. करीब 69 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अगर किसी रीसेल प्लेटफॉर्म पर वेरिफाइड डेटा डिलीशन की सुविधा मिलती है तो लोगों का भरोसा ज्यादा बढ़ेगा. वहीं, दूसरी ओर, 83 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का मानना है कि फोन बेचते समय डेटा डिलीशन सर्टिफिकेट मिलना बेहद जरूरी है. यह प्रमाण पत्र इस बात की पुष्टि करेगा कि फोन का डेटा पूरी तरह सुरक्षित और स्थायी रूप से मिटा दिया गया है. दिलचस्प बात यह है कि इसमें से आधे से ज्यादा लोग ऐसी सुविधा के लिए अतिरिक्त शुल्क देने को भी तैयार हैं.

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