पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार (15 जून 2026) को कहा कि उनका देश स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए आयोजित किये जाने वाले समारोह की मेजबानी करेगा. एक तरफ जहां इस डील से दुनिया को फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मजु के खुलने और ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेल के सामान्य होने की उम्मीद है. पाकिस्तान इस डील को लेकर कितनी भी डींगे हांके, लेकिन इजरायल ने ये साफ कर दिया है कि वह लेबनान के मुद्दे पर किसी की नहीं सुनेगा.
लेबनान को लेकर शहबाज शरीफ का बयान
शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तान संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली को अमेरिका-ईरान जंग को खत्म करने की पाकिस्तान की कोशिशों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा, ‘यह दो देशों के बीच कोई समझौता नहीं है, बल्कि यह शांति और बातचीत की सफलता है, यह एक कूटनीतिक सफलता है.’ उन्होंने इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए कहा, ‘तीन महीने और 16 दिनों की लगातार कोशिशों के बाद, अमेरिका और ईरान ने लेबनान समेत सभी जगहों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने का ऐलान किया है.’
लेबनान को लेकर इजरायल ने साफ किया इरादे
ट्रंप की ओर से डील को फाइनल हुए 24 घंटा भी नहीं गुजरा कि उधर इजरायल ने लेबनान पर हमला कर अपने इरादे साफ कर दिए. ईरान की न्यूज एजेंसी IRIB ने सूत्र के हवाले से बताया कि दक्षिणी लेबनान के जवतार, मरकबा और खियाम शहर में इजरायल ने हवाई और आर्टिलरी हमले किए हैं. ट्रंप ने कहा था कि शांति समझौता लागू होने के साथ ही लेबनान समेत सभी मोर्चों पर फायरिंग बंद हो जाएगी, जबकि ऐसा नहीं हुआ. इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा है कि अगर ईरान लेबनान में चल रहे अपने सैन्य अभियान को लेकर तेल अवीव पर हमला करता है तो हम पूरी ताकत से जवाबी कार्रवाई करने के लिए तैयार है.
ट्रंप का समझौता हमें बाध्य नहीं करता: इजरायल
इजरायली नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन-ग्वीर ने X पर पोस्ट कर लिखा, ‘ट्रंप का समझौता हमें बाध्य नहीं करता. इजरायल संयुक्त राज्य अमेरिका के अधीन नहीं है और हम एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं. हमें हिज्बुल्लाह के खात्मे से कम किसी भी बात पर समझौता नहीं करना चाहिए, हमें उन क्षेत्रों से पीछे नहीं हटना चाहिए जिन पर हमारे लड़ाकों ने कब्जा कर लिया है और उन्हें आतंकी ढांचे से मुक्त करा दिया है.’
जिनेवा में पाकिस्तान करेगा मेजबानी: शहबाज शरीफ
दूसरी तरफ शहबाज शरीफ ने कहा कि बातचीत की पूरी प्रक्रिया के दौरान, अमेरिका और ईरान, दोनों देशों के नेतृत्व ने मुश्किल हालात में भी सब्र और समझदारी दिखाई नतीजतन, पूरी दुनिया इस शानदार दिन की गवाह बनी है.’ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान ने अपने 107 दिन लंबे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दे दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बताया कि शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे. शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान 19 जून को जिनेवा में इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा.





