अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए एक अंतिम शांति समझौते के काफी करीब पहुंच गए हैं, हालांकि समझौते को अंतिम रूप देने का समय अभी तय नहीं हुआ है. इलाके में शांति स्थापित करने की दिशा में बढ़ती गति के बीच पाकिस्तान ने संकेत दिया है कि इस समझौते पर अगले 24 घंटों में यानी रविवार (14 जून, 2026) को ही साइन किया जा सकता है.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब शुक्रवार (12 जून, 2026) को अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिया था कि तीन महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक समझौता जल्द ही हो सकता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पहले से कहीं ज्यादा नजदीक है, जबकि ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समझौते पर जल्द साइन होने की संभावना 80 से 85 प्रतिशत है. जानें क्या है अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़े ताजा घटनाक्रम.
- समझौते पर कब होगा साइन?
समझौते के वक्त को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान की ओर से अभी तक किसी तय तारीख की पुष्टि नहीं की गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच एक फ्रेमवर्क पर सहमति बन गई है और समझौते पर रविवार को साइन हो सकते हैं.
उन्होंने X पोस्ट में कहा, ‘हम पहले से कहीं ज्यादा शांति समझौते के करीब हैं. अगले 24 घंटों में इसके अंतिम रूप लेने की संभावना है. इसके तुरंत बाद पाकिस्तान शांति समझौते के इलेक्ट्रॉनिक साइन की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद अगले हफ्ते तकनीकी स्तर की वार्ता होगी.’ हालांकि, ईरान ने समझौते के समय को लेकर सावधानी बरतने की बात कही है, जबकि अमेरिका ने भी इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार किया है.
We are closer to a peace deal than ever before. With finalisation likely expected in the next 24 hours, Pakistan is preparing for the electronic signing of the peace deal immediately after, followed by technical level talks next week.
We would like to thank United States of…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) June 13, 2026
- ईरान ने समझौते को लेकर क्या कहा?
ईरान ने संकेत दिया कि वह आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ शांति समझौते की रूपरेखा पर साइन कर सकता है, लेकिन इस्लामाबाद के उस दावे को खारिज कर दिया कि समझौता अगले 24 घंटों के अंदर हो जाएगा.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि समझौते में अभी भी बदलाव हो सकता है, लेकिन शुरुआती सहमति से यह साफ होता है कि संघर्ष से उनका देश पहले की तुलना में ज्यादा मजबूत होकर उभरा है.
- अभी इंतजार करना होगा- ईरान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि समझौते पर रविवार (14 जून, 2026) को साइन नहीं होंगे और समय को लेकर अटकलों से बचने की सलाह दी. उन्होंने कहा, ‘MoU पर साइन की सटीक तारीख के लिए हमें इंतजार करना होगा, हालांकि यह कल नहीं होगा.’
उन्होंने आगे कहा, ‘आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन दूसरे पक्ष की अनिश्चितता को देखते हुए इस प्रक्रिया पर किसी भी तरह की टिप्पणी करते समय हमें सावधानी बरतनी होगी.’
- शांति समझौते पर क्या है अमेरिका की राय?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के साथ शांति समझौते के समय को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उन्होंने शहबाज शरीफ की पोस्ट को फिर से शेयर किया है.
वहीं, अमेरिकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों पक्ष एक टेक्सट ड्राफ्ट पर सहमत हो चुके हैं और वाशिंगटन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में शुरुआती समझौते पर साइन हो जाएंगे.
- समझौते का हिस्सा नहीं होगा इजरायल?
मिडिल ईस्ट में ईरान के खिलाफ संघर्ष करने वाले पक्ष में अमेरिका के साथ इजरायल भी एक पक्षकार है, लेकिन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि उनका देश अमेरिका-ईरान समझौते का हिस्सा नहीं होगा, जिससे इस शांति समझौते पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं. दरअसल, अप्रैल महीने में अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के दौरान लेबनान पर इजरायल का रुख विवाद का विषय रहा था. जबकि दूसरी तरफ वाशिंगटन की ओर से तेहरान के साथ समझौता करने के लिए इजरायल से लेबनान में सैन्य हमलों को कम करने की मांग किए जाने पर नेतन्याहू और ट्रंप के बीच मतभेद भी सामने आए थे.
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