पुतिन को बड़ा झटका! ब्रिटेन ने रूसी तेल टैंकर पर किया कब्जा, मचा हड़कंप

पुतिन को बड़ा झटका! ब्रिटेन ने रूसी तेल टैंकर पर किया कब्जा, मचा हड़कंप


ब्रिटेन ने रूस की तथाकथित शैडो फ्लीट के खिलाफ एक बड़ा सैन्य और सुरक्षा अभियान चलाते हुए एक प्रतिबंधित तेल टैंकर को इंग्लिश चैनल नदी में रोक लिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने रविवार को इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए कहा कि यह कदम रूस की युद्ध मशीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार रविवार (14 जून 2026) तड़के शुरू हुआ यह ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चला. इस दौरान ब्रिटिश सशस्त्र बलों, रॉयल मरीन कमांडो और नेशनल क्राइम एजेंसी के विशेष अधिकारियों ने तेल टैंकर स्मिर्टोस (Smyrtos) पर चढ़कर उसे अपने नियंत्रण में ले लिया. इस अभियान में ब्रिटिश वायुसेना (RAF) ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे ऑपरेशन में सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया.

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ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने क्या बताया?

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि फिलहाल इस टैंकर को इंग्लैंड के दक्षिणी तट के पास निगरानी में रखा गया है. मामले की जांच जारी है और अधिकारी जहाज की गतिविधियों के साथ-साथ उसके स्वामित्व से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं ताकि उसके संचालन और नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा सके. प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने इस कार्रवाई को रूस के लिए एक बड़ा झटका बताया. उन्होंने कहा कि जो लोग यूक्रेन में युद्ध जारी रखने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कोशिशों को आर्थिक मदद पहुंचा रहे हैं, उन्हें यह स्पष्ट संदेश मिल जाना चाहिए कि ब्रिटेन उन्हें छिपने या बच निकलने का मौका नहीं देगा.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेन जार्विस का बयान

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री डेन जार्विस ने भी कहा कि रूस अपनी शैडो फ्लीट के जरिए यूक्रेन युद्ध के लिए धन जुटाता है और यह कार्रवाई सीधे तौर पर पुतिन के युद्ध प्रयासों को कमजोर करने की दिशा में की गई है. दरअसल, पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद मॉस्को ने सैकड़ों तेल टैंकरों का एक नेटवर्क तैयार किया, जिसे शैडो फ्लीट कहा जाता है. इन जहाजों की मालिकाना व्यवस्था अक्सर स्पष्ट नहीं होती और इनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचते हुए रूसी तेल को विभिन्न देशों और बाजारों तक पहुंचाने के लिए किया जाता है.

शैडो फ्लीट में कितने जहाज शामिल?

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रूस के प्रतिबंधित तेल का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा इसी शैडो फ्लीट के जरिए दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचता है. बताया जाता है कि इस नेटवर्क में 700 से अधिक जहाज शामिल हैं, जो रूस के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा बने हुए हैं और तेल निर्यात के जरिए आय जुटाने में मदद करते हैं. ब्रिटेन अब तक इस नेटवर्क से जुड़े 500 से अधिक जहाजों पर प्रतिबंध लगा चुका है. इन प्रतिबंधों के तहत ऐसे जहाज ब्रिटेन के बंदरगाहों में प्रवेश नहीं कर सकते. इसके अलावा ब्रिटिश कंपनियों और नागरिकों को इन जहाजों के लिए वित्तीय सेवाएं, बीमा या ब्रोकरेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी अनुमति नहीं है.

ब्रिटेन और फ्रांस मिलकर कर रहें काम

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह पूरा अभियान फ्रांस के साथ करीबी समन्वय में चलाया गया. हाल के महीनों में ब्रिटेन और फ्रांस रूस की शैडो फ्लीट पर दबाव बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं. ब्रिटिश सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य रूस की तेल से होने वाली आय को कम करना और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद को रोकना है.

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