WhatsApp को मिला नया मुखिया! अब भारत के कुणाल शाह संभालेंगे कमान

WhatsApp को मिला नया मुखिया! अब भारत के कुणाल शाह संभालेंगे कमान


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • वॉट्सऐप की कमान अब भारतीय कुणाल शाह संभालेंगे।
  • क्रेड के संस्थापक शाह ने फ्रीचार्ज की भी स्थापना की थी।
  • मेटा क्रेड में $900 मिलियन का निवेश कर 20% हिस्सेदारी लेगी।
  • यह डील भारत के डिजिटल पेमेंट बाजार में मेटा की एंट्री है।

WhatsApp Kunal Shah: मेटा की मशहूर मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है. करीब सात साल तक वॉट्सऐप चलाने वाले विल कैथकार्ट अब यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं. उनकी जगह अब एक भारतीय कुणाल शाह लेंगे जो CRED कंपनी के फाउंडर हैं.

व्हाट्सएप के मुखिया विल कैथकार्ट ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके यह जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि वॉट्सऐप आज जितनी मजबूत स्थिति में है उतनी पहले कभी नहीं थी और इसी वजह से उन्हें लगा कि अब पीछे हटने का सही समय है. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग को तीन अरब से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया और दुनियाभर में लोगों की निजी बातचीत की रक्षा की.

कुणाल शाह कौन हैं

कुणाल शाह मुंबई के रहने वाले हैं पढ़ाई में उन्होंने फिलॉसफी में बीए किया फिर एमबीए बीच में ही छोड़ दिया. साल 2010 में उन्होंने फ्रीचार्ज नाम की कंपनी शुरू की थी जिसे बाद में स्नैपडील ने खरीद लिया था.

इसके बाद 2018 में उन्होंने CRED शुरू की जो क्रेडिट कार्ड बिल भरने पर लोगों को रिवॉर्ड देती है. आज CRED भारत की सबसे जानी मानी फिनटेक कंपनियों में शामिल है. कुणाल शाह दो सौ से ज्यादा स्टार्टअप्स में निवेश भी कर चुके हैं.

कैथकार्ट ने कुणाल शाह की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने CRED को भारत की सबसे अहम टेक कंपनियों में से एक बनाया है और उन्हें यूजर्स की सच में परवाह है.

यह लीडरशिप बदलाव सिर्फ इत्तेफाक नहीं है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मेटा भारतीय फिनटेक स्टार्टअप CRED में करीब 900 मिलियन डॉलर का निवेश करने जा रही है. इस डील के बाद मेटा को CRED में करीब 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी और कंपनी की वैल्यू करीब 4.5 अरब डॉलर हो जाएगी.

इंडिया के लिए क्यों अहम है यह डील

यह डील भारत के लिए कई मायनों में बड़ी है.

पहला यह दिखाता है कि मेटा जैसी ग्लोबल कंपनी अब भारत के डिजिटल पेमेंट मार्केट में सीधे एंट्री करना चाहती है. अभी इस मार्केट में फोनपे और गूगल पे का दबदबा है जो मिलकर करीब अस्सी प्रतिशत यूपीआई ट्रांजैक्शन हैंडल करते हैं जबकि वॉट्सऐप पे अभी काफी पीछे है. ऐसे में फेसबुक और इंस्टाग्राम से डिस्कवरी, वॉट्सऐप से कॉमर्स और CRED से पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर जोड़कर मेटा एक बड़ा डिजिटल इकोसिस्टम बनाने की कोशिश कर रही है.

दूसरा यह पहली बार है जब किसी भारतीय फाउंडर को दुनिया की किसी सबसे बड़ी टेक कंपनी के इतने बड़े प्रोडक्ट की सीधी कमान मिली है जिसके तीन अरब से ज्यादा यूजर्स हैं.

अभी यह साफ नहीं है कि विल कैथकार्ट आगे मेटा में किसी और भूमिका में नजर आएंगे या नहीं. कुणाल शाह का वॉट्सऐप में औपचारिक कार्यभार कब से शुरू होगा इस पर भी अभी कंपनी की तरफ से विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी गई है.

ऑपरेटिंग रोल से हटने का फैसला

व्हाट्सएप के फाउंडर बनने के बाद क्रेड के फाउंडर कुणाल शाह ने ऑपरेटिंग रोल से हटने का फैसला किया है. जानकारी के अनुसार, उनकी जगह अब मितेन संपत इंटरिम सीईओ की जिम्मेदारी संभालेंगे. कुणाल शाह अब क्रेड में शेयरहोल्डर के तौर पर बने रहेंगे. कुणाल शाह ने बताया कि वो अब मेटा जॉइन कर रहे हैं और वहां वॉट्सऐप की ग्लोबल लीडरशिप संभालेंगे. मेटा ने क्रेड में माइनॉरिटी इन्वेस्टर के तौर पर भी निवेश किया है. हालांकि मेटा को क्रेड के मेंबर डेटा का कोई एक्सेस नहीं मिलेगा.

यह भी पढ़ें:

ChatGPT से है आपको खतरा? Signal President ने AI चैटबॉट्स को लेकर दी बड़ी चेतावनी



Source link