कतर के एक प्रमुख गैस एक्सपोर्ट टर्मिनल पर रविवार (21 जून 2026) की रात एक बड़ा धमाका हुआ, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई. वहीं 54 अन्य घायल हो गए, जबकि 18 लोग अभी भी लापता हैं. यह हादसा तब हुआ जब कर्मचारी ईरान के हमले के बाद बंद पड़े इस प्लांट को दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहे थे. मरने वालों में भारत और पाकिस्तान के नागरिक भी हैं.
मरने वालों में भारत-पाकिस्तान के लोग शामिल
भारत और पाकिस्तान के लोग बड़े पैमाने पर कतर में काम करते हैं. अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि किस देश के कितने लोगों की जान इस हादसे में गई है. न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक ये धमाका ‘रास लाफान’ इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित बरजान गैस सप्लाई फैसिलिटी में हुआ. कतर दुनिया के सबसे बड़े नेचुरल गैस उत्पादकों में से एक है. इस हादसे से दुनियाभर से गैस बाजार में फिर से संकट गहरा सकता है.
कतर का यह प्लांट रोजना करीब 1.4 अरब मानक घन फीट गैस तैयार करता है. कतर इस गैस का इस्तेमाल मुख्य रूप से अपने देश में बिजली बनाने और पीने के पानी के प्लांट चलाने के लिए करता है. इस प्लांट का मालिकाना हक कतर की सरकारी कंपनी ‘कतरएनर्जी’ के पास है, जबकि एक छोटा हिस्सा अमेरिकी कंपनी ‘एक्सॉनमोबिल’ के पास भी है.
हादसे में 13 लोगों की मौत, 54 घायल
यूएस-ईरान जंग के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होन से कतर अपने जहाजों को बाहर नहीं भेज पा रहा था इसलिए उसने उत्पादन रोक दिया था. अब युद्ध खत्म होने के लेकर हो रही बातचीत के बीच कतर ने इस टर्मिनल को फिर से चालू करने का काम शुरू कर दिया था और इसी दौरान ये हादसा हो गया. कतर के एनर्जी मिनिस्टर शेरिदा अल काबी ने सोमवार (22 जून 2026) को बताया कि हादसे में 13 लोगों की मौत हुई है और 54 घायल हैं.
कतर गैस प्लांट में हुए धमाके पर भारत का रिएक्शन
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दूतावास ने कहा कि इस कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में भारत का दूतावास और कतर में रह रहा पूरा भारतीय समुदाय कतर सरकार और वहां के लोगों के साथ एकजुटता में खड़ा है. दूतावास ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और लापता लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना व्यक्त की. दूतावास ने सहायता और जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी की है.
फिर हो सकती LPG की किल्लत!
इस विस्फोट के कारण दुनिया में एक बार फिर गैस संकट का असर देखने को मिल सकता है. दुनिया के बड़े लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यातकों में से कतर यूरोप और एशिया के कई बड़े देश (जैसे जापान, साउथ कोरिया) अपनी ऊर्जी और बिजली की जरूरतों के लिए पूरी तरह कतर की गैस पर निर्भर हैं. जंग के कारण कतर से गैस की सप्लाई पहले से ही रुकी हुई थी. धीरे-धीरे अब ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि कतर का निर्यात दोबारा शरू जाएगा तो अब ये हादसा हो गया. ऐसे में अब सप्लाई शुरू होने में और समय लग सकता है.
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