अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सोमवार (22 जून, 2026) को ईरान के साथ समझौते को लेकर बड़ी घोषणा की है. उन्होंन कहा कि अमेरिका और उसकी वार्ता टीम ने ईरान के साथ समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है.
उन्होंने कहा, ‘कल रविवार (21 जून, 2026) का दिन, बहुत बहुत अच्छा रहा. हमने काफी अच्छी प्रगति की है. हमने बिल्कुल वही किया, जो हम करना चाहते थे. ईरान इस बात पर सहमत हो गया है कि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के इंस्पेकटरों को दोबारा अपने देश में आने के लिए निमंत्रण देगा. यह अमेरिका की जनता के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है और ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को स्थायी रूप से खत्म करने और उसे पूरी तरह से परमाणु हथियार से मुक्त बनाने की दिशा में पहला कदम है.’
स्विट्जरलैंड में बोले अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में आयोजित लेक ल्यूकरेन समिट 2026 के दौरान एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, ‘ईरान और अमेरिका ने स्थायी शांति समझौते की तरफ बातचीत के पहले दौर में चार बातों पर सहमति जताई है. जिसमें पहला एक को-ऑर्डिनेशन मेकेनिज्म तैयार करना है, जिसका उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही के लिए खुला रखना है.
JD Vance:
We wanted to build a mechanism for keeping the Strait of Hormuz open. It is open.
We wanted to make sure we set up a mechanism to make sure that when there are conflicts that inevitably come up, we can work through them. pic.twitter.com/bjXcTVBytH
— Clash Report (@clashreport) June 22, 2026
JD Vance:
The Iranians have agreed to invite IAEA inspectors back into their country. pic.twitter.com/riROv2dCtS
— Clash Report (@clashreport) June 22, 2026
उन्होंने कहा, ‘हमने देखा है कि होर्मुज के खुला रहने के बाद अरबों बैरल कच्चा तेल और गैस वैश्विक ऊर्जा बाजारों में पहुंचा और दुनिया के कई देशों में ऊर्जा की कीमतों में कमी आई है. हमारा दूसरा मैकेनिज्म स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिछी माइन्स को हटाने की कोशिशों के को-ऑर्डिनेशन के लिए होगा, जबकि तीसरा लेबनान में सीजफायर की निगरानी पर फोकस करेगा.’
ईरान में फिर से आएंगे IAEA के इंस्पेक्टर्स- वेंस
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, ‘ईरान संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था, IAEA के इंस्पेक्टरों को दोबारा से अपने देश में बुलाने और प्रवेश की अनुमति देने पर सहमत हो गया है. यह ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को स्थायी रूप से खत्म करने की दिशा में पहला कदम है.’
उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत में अमेरिका के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है. राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए परमाणु समझौते के तहत (IAEA) के इंस्पेक्टर ईरान में काम करते थे, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से उस समझौते से हटाने के बाद स्थिति बदल गई.’
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