फसल बीमा योजना में किसी किसान के लिए मुआवजा लेने की कोई तय सीमा नहीं है. अगर किसान ने संबंधित सीजन की फसल का बीमा कराया है और बीमित जोखिमों के कारण फसल को नुकसान होता है, तो वह नियमों के अनुसार मुआवजे का दावा कर सकता है. जिस सीजन की फसल बीमित होगी और नुकसान योजना के दायरे में होगा, उस स्थिति में किसान क्लेम का पात्र हो सकता है.

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को कवर किया जाता है. इनमें सूखा, लंबे समय तक बारिश नहीं होना, जलभराव, बाढ़, ओला बारिश, चक्रवात, प्राकृतिक आग, बिजली, कीट और रोग का प्रकोप शामिल हैं .कुछ विशेष परिस्थितियों में अगर मौसम के कारण बुवाई नहीं हो पाती या आंशिक बुवाई होती है, तब भी वित्तीय सहायता का प्रावधान है. वहीं कटाई के बाद खेत में सुखाने के दौरान चक्रवाती बारिश या बेमौसम बारिश से हुए नुकसान को भी तय नियमों के तहत कवर किया जाता है.
Published at : 27 Jun 2026 06:10 AM (IST)






