NCERT की नई किताब में SIR के बारे में पढ़ेंगे बच्चे, हटाई गई समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्

NCERT की नई किताब में SIR के बारे में पढ़ेंगे बच्चे, हटाई गई समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • NCERT नौवीं की किताब में चुनाव प्रक्रिया और संविधान व्याख्या बदली.
  • पहली बार 1975 इमरजेंसी, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) भी शामिल.
  • इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र अब एक किताब में.
  • शिक्षा मंत्री ने देश के इतिहास, लोकतंत्र की जानकारी आवश्यक बताई.

NCERT की कक्षा 9 की नई किताब में इस बार कई बड़े बदलाव किए गए हैं.अब  छात्र चुनाव प्रक्रिया से जुड़े SIR के बारे में पढ़ेंगे. वहीं पहले से किताब में शामिल समाजवाद,धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र से जुड़ी कुछ व्याख्याएं नई किताब में पहले जैसी नहीं दिखाई देंगी. नई व्यवस्था को इन किताबों में जोड़ा गया है. जिसके तहत बच्चे देश संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नए तरीके से समझ सकें.इन बदलावों को लेकर शिक्षा और राजनीति दोनों ही जगह चर्चा तेज हो रही है.

संविधान को समझाने का तरीका बदला

इस नई किताब में संविधान को पुराने तरीके से नहीं बल्कि नए ढंग से समझाया गया है. इसमें संविधान कैसे बना, संविधान सभा ने क्या काम किया और देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं कैसे काम करती हैं, इन बातों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है. साथ ही समानता, आजादी, अधिकार और जिम्मेदारियों जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है.पहले की किताबों में संविधान की प्रस्तावना को विस्तार से पढ़ाया जाता था. और उसमें लिखे शब्दों का मतलब भी समझाया जाता था. लेकिन नई किताब में प्रस्तावना को सीधे शामिल नहीं किया गया है.इसके साथ ही समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्दों को भी पहले की तरह प्रस्तुत नहीं किया गया है.

पहली बार कक्षा 9 में शामिल हुई इमरजेंसी

कक्षा 9 की इस किताब में पहली बार 1975 की इमरजेंसी को भी जोड़ा गया है.जिसमें बताया गया कि उस समय देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर पड़ा था और कई फैसलों को लेकर चर्चा हुई थी.इसे लोकतंत्र से जुड़ी चुनौतियों को समझाने के उदाहरण के तौर पर रखा गया है.

यह भी पढ़ें – राम मंदिर दान मामले की जांच कर रही SIT कैसे बनी? जानिए किस आधार पर चुने जाते हैं अफसर

SIR क्या है और किताब में क्यों जोड़ा गया

इस नई किताब में चुनाव आयोग की जिम्मेदारियां के साथ स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के बारे में भी बताया गया है किताब में समझाया गया है कि मतदाता सूची को अपडेट करने और सही रखने की प्रक्रिया को कैसे किया जाता है. अब चार विषयों की जगह एक ही किताब इस बार इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र को मिलाकर एक किताब बनाई गई है.इसका उद्देश्य छात्रों को अलग-अलग विषयों की जगह एक साथ जुड़ी हुई समझ देना बताया गया है.

शिक्षा मंत्री की क्या है प्रक्रिया?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों को देश के इतिहास और लोकतंत्र से जुड़े दूर के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. उनका कहना है कि ऐसे विषयों को पढ़ने से आने वाली वीडियो में देश के बारे में बेहतर समझा होगी.

यह भी पढ़ें – बिना परीक्षा RCFL में नौकरी का मौका, 2.20लाख तक मिलेगा वेतन, ऐसे करें आवेदन

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI



Source link