अब Blinkit-Swiggy की तरह घर पर डिलीवर होगा खेती का सामान, इस राज्य में शुरू होने जा रही ऑनलाइन

अब Blinkit-Swiggy की तरह घर पर डिलीवर होगा खेती का सामान, इस राज्य में शुरू होने जा रही ऑनलाइन


Online Farming Products: अब किसानों को खाद और बीज के लिए सोसायटियों या दुकानों के चक्कर काटने और लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जैसे आजकल हम लोग घर बैठे ब्लिंकिट, जेप्टो या स्विगी से 10 मिनट में राशन मंगवा लेते हैं. ठीक वैसे ही अब खेती-किसानी का जरूरी सामान भी ऑनलाइन ऑर्डर होकर सीधे घर पहुंचेगा. राजस्थान सरकार किसानों के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए एक बेहद शानदार और कमाल की सर्विस शुरू करने जा रही है. 

इस नई व्यवस्था के तहत किसान भाई अपने मोबाइल से ही खाद, उत्तम बीज और कीटनाशकों की बुकिंग कर सकेंगे. इससे न सिर्फ किसानों का कीमती समय बचेगा, बल्कि मार्केट में होने वाली खाद की कालाबाजारी और नकली सामान की टेंशन से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा. जानें पूरी खबर. 

राजस्थान में शुरू होने जा रही है ऑनलाइन सर्विस

राजस्थान सरकार खेती से जुड़ी खरीदारी को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है. सहकारिता विभाग ने किसानों के लिए फर्टिलाइजर फॉर फार्मर्सनाम का एडवांस्ड ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है. इसके लागू होने के बाद किसानों को खाद के लिए बार-बार ग्राम सेवा सहकारी समिति या क्रय-विक्रय सहकारी समिति  के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. 

मोबाइल या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए ही बुकिंग और उपलब्धता की जानकारी मिल सकेगी. खास तौर पर बुवाई के मौसम मे  जब खाद और बीज की मांग सबसे ज्यादा रहती है, तब यह सिस्टम किसानों को समय पर और तय कीमत पर जरूरी सामान दिलाने में मदद करेगा. शुरुआत में इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ चुनिंदा जिलों में शुरू किया जाएगा.

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कैसे काम करेगा नया ऑनलाइन सिस्टम?

इस ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम को बेहद आसान बनाया जा रहा है. जिससे कम डिजिटल जानकारी रखने वाले किसान भी बिना किसी परेशानी के इसका इस्तेमाल कर सकें. किसान पोर्टल या मोबाइल ऐप पर लॉग इन करके अपनी जरूरत के मुताबिक यूरिया, डीएपी, बीज या अन्य कृषि इनपुट की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे. बुकिंग के बाद तय प्रोसेस के तहत सामान या तो घर तक पहुंचाया जाएगा या फिर नजदीकी तय केंद्र से लिया जा सकेगा. 

इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि किसानों को उनकी जरूरत और रिकॉर्ड के मुताबिक ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी. इससे गैर जरूरी खरीद, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. वहीं पूरी प्रोसेस डिजिटल होने से स्टॉक, बुकिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का रिकॉर्ड क्लीयर रहेगा. जिससे गड़बड़ी की गुंजाइश भी काफी कम हो जाएगी.

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