चेहरे पर अनचाहे बाल! लड़कियों में क्यों होती है दाढ़ी-मूंछ की दिक्कत? भूलकर भी न करें इग्नोर

चेहरे पर अनचाहे बाल! लड़कियों में क्यों होती है दाढ़ी-मूंछ की दिक्कत? भूलकर भी न करें इग्नोर


Why Do Women Have Beard And Mustache: महिलाओं के दाढ़ी-मूंछ क्यों निकलते हैं? जैसे ही आपके मुंह से ये सवाल निकलता है, आपके आसपास बैठे लोगों के ज्ञान चक्षु से धड़ाधड़ ज्ञान का सागर बहने लगता है. लोग अपने-अपने हिसाब से इसको अलग-अलग नया नाम दे देते हैं. शहरों में फिर भी इस तरह के गॉसिप कम देखने को मिलते हैं. लेकिन अगर गांवों में किसी को गलती से भी पता चल जाए कि किसी लड़की को इस तरह की दिक्कत है, फिर वह चर्चा का विषय बन जाती है. खैर, लोगों को छोड़ना चाहिए क्योंकि ये उनके अपने विचार और ज्ञान हैं. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर लड़कियों में दाढ़ी-मूंछ क्यों निकलती है और क्या इसके पीछे कोई दिक्कत होती है.

लड़कियों के दाढ़ी मूछ क्यों?

 मेडिकल के बारे में जानकारी देने वाली संस्था Mayoclinic के अनुसार, महिलाओं के चेहरे, चेस्ट, पीठ या शरीर के अन्य हिस्सों पर जरूरत से ज्यादा काले और मोटे बाल उगना हिर्सुटिज्म कहलाता है. इस स्थिति में बालों का बढ़ने का पैटर्न पुरुषों जैसा हो जाता है. सबसे अधिक बाल होंठों के ऊपर, ठुड्डी, छाती, पेट, जांघों के अंदरूनी हिस्से और पीठ पर दिखाई देते हैं. यह केवल सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं है, बल्कि कई बार शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी का संकेत भी हो सकती है. 

किस कारण से होती है यह दिक्कत?

हिर्सुटिज्म का सबसे बड़ा कारण शरीर में पुरुष हार्मोन यानी एंड्रोजन का सामान्य से अधिक होना है. इनमें टेस्टोस्टेरोन प्रमुख हार्मोन है. जब इसकी मात्रा बढ़ जाती है तो महिलाओं के शरीर में अनचाहे बाल तेजी से उगने लगते हैं. कुछ मामलों में इसके साथ आवाज भारी होना, सिर के बाल झड़ना, मुंहासे बढ़ना, ब्रेस्ट का आकार कम होना, मांसपेशियां उभरना और क्लिटोरिस का आकार बढ़ना जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं. 

क्या हेल्थ दिक्कत भी होती है?

अब आते हैं कि क्या इस समस्या के पीछे कोई हेल्थ कारण भी छिपे हो सकते हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, सबसे आम वजह पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जिसे अब पॉलीएंडोक्राइन मेटाबोलिक ओवेरियन सिंड्रोम कहा जाता है, वह है, जिसमें हार्मोन का संतुलन बिगड़ जाता है. इसके अलावा कुशिंग सिंड्रोम, जन्म से होने वाली कॉनजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया, ओवरी या एड्रिनल ग्रंथि में बनने वाले कुछ दुर्लभ ट्यूमर भी इसकी वजह बन सकते हैं. कुछ दवाएं जैसे मिनॉक्सिडिल, डैनाजोल, टेस्टोस्टेरोन या डीएचईए सप्लीमेंट लेने से भी शरीर पर अतिरिक्त बाल उग सकते हैं. हालांकि कई महिलाओं में कोई स्पष्ट कारण नहीं मिल पाता. 

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किनमें अधिक होता है इसका खतरा?

कुछ महिलाओं में हिर्सुटिज्म का खतरा दूसरों की तुलना में अधिक होता है. अगर परिवार में किसी को पीसीओएस या जन्मजात हार्मोन संबंधी बीमारी रही है तो जोखिम बढ़ सकता है. भूमध्यसागरीय, मध्य-पूर्वी और दक्षिण एशियाई मूल की महिलाओं में भी यह समस्या अपेक्षाकृत ज्यादा देखी जाती है. वहीं मोटापा भी एंड्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ाकर इस स्थिति को और गंभीर बना सकता है.

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

हिर्सुटिज्म जानलेवा बीमारी नहीं है, लेकिन इसका मानसिक असर काफी गहरा हो सकता है। कई महिलाएं अपने लुक को लेकर असहज महसूस करती हैं और आत्मविश्वास में कमी या तनाव का सामना करती हैं. यदि इसके पीरियड अनरेगुलर हो, चेहरे या शरीर पर अचानक तेजी से बाल बढ़ने लगें या आवाज में बदलाव जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.



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