पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने इस्लामाबाद में आयोजित IWT इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भारत पर तीखा हमला बोला. हिना रब्बानी खार ने कहा कि भारत का रवैया लगातार आक्रामक होता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सिंधु जल संधि को लेकर ऐसा रुख अपना रहा है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ सकता है.
At the IWT Intl Conference in Islamabad ‘The descent of India into a rogue state is multi dimensional. Claiming to hold in abeyance the robust, enduring, survivor of two wars- Indus Water Treaty- shows that it no more deserves to be sitting in UN General assembly. pic.twitter.com/tGswyB8nb8
— Hina Rabbani Khar (@HinaRKhar) June 30, 2026
हिना रब्बानी खार का दावा
हिना रब्बानी खार ने दावा किया कि अगर भारत इस संधि को रोकने या कमजोर करने की कोशिश करता है, तो यह बेहद गंभीर मामला होगा. उन्होंने कहा कि ऐसा कदम अंतरराष्ट्रीय नियमों और समझौतों की भावना के खिलाफ माना जाएगा. उन्होंने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए. उनके अनुसार, सिंधु जल संधि जैसे महत्वपूर्ण समझौते को लेकर अस्थिरता पैदा करना क्षेत्रीय शांति के लिए अच्छा संकेत नहीं है.
सिंधु जल संधि कब हुआ था?
सिंधु जल संधि भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुआ एक अहम समझौता है. इस संधि के तहत दोनों देशों के बीच सिंधु नदी प्रणाली के जल बंटवारे को लेकर नियम तय किए गए थे. यह समझौता दोनों देशों के संबंधों में हमेशा एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है. हिना रब्बानी खार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से तनाव बना हुआ है. उनके बयान के बाद एक बार फिर दोनों देशों के रिश्तों और सिंधु जल संधि पर चर्चा तेज हो गई है.
ये भी पढें: Space Laser Weapon: स्पेस से मौत बरसाएगा इजरायल! बना रहा बिजली सी तेजी वाला हथियार, जानें कितना ताकतवर





