तुलसी को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, जबकि शमी का संबंध शनि देव से है. इन दोनों पौधों की उपस्थिति घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने में सहायक मानी जाती है. शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए शिव जी और शनि देव को शमी पत्र अर्पित करना चाहिए. वहीं धन आवक के लिए तुलसी पूजन अचूक है.

वास्तु के अनुसार, तुलसी और शमी के पौधे एक ही घर में रखे जा सकते हैं.हालांकि, इन्हें हमेशा अलग-अलग गमलों में लगाना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि दोनों पौधों की अलग ऊर्जा होती है और अलग स्थान मिलने पर उनका सकारात्मक प्रभाव बेहतर तरीके से देखने को मिलता है.

वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी और शमी को घर में आसपास रख सकते हैं लेकिन इसे कभी भी एक ही गमले में लगाने की भूल न करें. इससे इनकी ऊर्जा असंतुलित हो जाती है और शुभ प्रभाव नहीं पड़ता.

तुलसी का पौधा पूर्व या उत्तर दिशा में रखना शुभ माना जाता है. वहीं शमी के पौधे के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा उपयुक्त मानी जाती है. वास्तु अनुसार सही दिशा में लगाए गए पौधे घर में सुख-समृद्धि लाते हैं.

घर में तुलसी और शमी दोनों पौधे लगा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इनके आसपास कूड़ादान, कांटेदार पौधे, जूते चप्पल न हो. न ही गीले कपड़े सुखाएं. साफ-सफाई का ध्यान रखें और सूखे या टूटे पौधों को समय पर बदलें.

तुलसी को गुरुवार या शुक्रवार को लगाना शुभ है. वहीं शमी पौधा सावन के महीने में, दशहरा या फिर शनिवार को लगा सकते हैं.
Published at : 04 Jul 2026 12:35 PM (IST)






