Astro Tips: हिंदू धर्म में सप्ताह का प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित माना गया है. शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है. इस दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, पीपल के वृक्ष की पूजा करते हैं, सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं और शनि मंदिर में दर्शन करने जाते हैं.
इसी वजह से कई लोग शनिवार को शराब और तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखते हैं. भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास के अनुसार, यह ध्यान रखना जरूरी है कि शनिवार को शराब न पीने का कोई सार्वभौमिक धार्मिक नियम या कानून नहीं है. यह मान्यता मुख्य रूप से धार्मिक परंपराओं, ज्योतिषीय मान्यताओं और लोकविश्वासों पर आधारित है.
क्या है धार्मिक मान्यता?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन संयम, सेवा और साधना का दिन माना जाता है. शनि देव को न्याय और कर्मफल का देवता कहा जाता है. इसलिए इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने, पूजा-पाठ करने और नशे जैसी आदतों से दूर रहने की सलाह दी जाती है. मान्यता है कि जो व्यक्ति शनिवार को संयम रखता है और अच्छे कर्म करता है, उस पर शनि देव की कृपा बनी रहती है.
ज्योतिष में क्या कहा गया है?
वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह अनुशासन, कर्म, धैर्य और जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शराब या अन्य नशीले पदार्थ व्यक्ति की निर्णय क्षमता और आत्मसंयम को प्रभावित कर सकते हैं. इसी कारण कुछ ज्योतिषाचार्य शनिवार को इनसे दूर रहने की सलाह देते हैं.
हालांकि, यह ज्योतिषीय मान्यता है, कोई वैज्ञानिक रूप से सिद्ध तथ्य नहीं.
क्या शनिवार को शराब पीने से शनि दोष लगता है?
ऐसा कोई प्रमाणित धार्मिक ग्रंथ नहीं कहता कि केवल शनिवार को शराब पीने से शनि दोष लग जाता है. लेकिन कई परंपराओं में यह माना जाता है कि यदि कोई व्यक्ति शनि पूजा या शनिवार का व्रत कर रहा है, तो उसे उस दिन शराब, मांसाहार और अन्य तामसिक पदार्थों से बचना चाहिए.
शनिवार को किन कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है?
- शराब और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन.
- बिना वजह क्रोध और विवाद करना.
- जरूरतमंदों का अपमान करना.
- झूठ बोलना या किसी के साथ अन्याय करना.
- व्रत या पूजा के दौरान तामसिक भोजन करना.
शनिवार को क्या करना शुभ माना जाता है?
- शनि देव की पूजा करें.
- ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करें.
- जरूरतमंदों को दान दें.
- काले तिल, उड़द या सरसों के तेल का दान करें (यदि आपकी परंपरा में प्रचलित हो).
- पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं (स्थानीय परंपरा के अनुसार).
- संयमित और सात्विक जीवनशैली अपनाएं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.






